Saturday, September 5, 2026

विधानसभा चुनाव में हुई हार को नही पचा पा रहे शुक्ला: तिलकराज बेहड़

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भोंपूराम खबरी,रूद्रपुर। किच्छा विधानसभा क्षेत्र के भ्रष्ट अधिकारियों के साथ ही खनन, भू तथा कबूतरबाज माफियाओं को पूर्व विधायक खुला संरक्षण देकर न सिर्फ अपराधों को बढ़ावा दे रहे हैं साथ ही भाजपा व मुख्यमंत्री को बदनाम भी कर रहे हैं। यहां अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते किच्छा विधानसभा के विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा कि पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र देकर अधिकारियों पर दबाव बनाने का जो आरोप लगाया है,वह पूरी तरह से बेबुनियाद है।

उन्होंने कहा कि वास्तविकता तो यह है कि पूर्व विधायक क्षेत्र के भ्रष्ट अधिकारियों की शिकायत से पूर्व ही पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई विकास कार्यों के लिए 26 जुलाई 2023, 5अगस्त 2023, 18 सितम्बर 2023, 27 सितम्बर 2023, 31 अक्टूबर 2023,11 दिसम्बर 2023 को पत्र लिखे जो बिना किसी कार्रवाई के मूल रूप में उन्हें वापस भेज दिये गये। जो विशेषाधिकार हनन का मामला है जिसे वह विधानसभा में उठायेंगें। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के कहने पर अपने क्षेत्र में कम्यूनिटी हॉल, सामुदायिक भवन, फायर ब्रिगेड, राजकीयइंटर कालेज,मुख्य चौराहों का चौड़ी करण, सामुदायिक स्वास्थ्य के न्द्र का उच्चीकरण सहित कुल दस प्रस्ताव प्रस्तुत किये थे। जिनमें मुख्यमंत्री द्वारा पंतनगर विवि में सड़क निर्माण, फायर ब्रिगेड व वर्तमान कालेज भवन में अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कर उच्चीकरण करने के आदेश दिये गये। यह बात पूर्व विधायक को नहीं पच रही। उन्होंने कहा कि श्री शुक्ला पंतनगर विश्वविद्यालय की समिति में कई वर्षो से सदस्ये के रूप में है लेकिन उन्होंने क्षेत्र में सड़कों के निर्माण की तरफ कोई ध्यान नही दिया। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा सड़क बनाने के निर्देश से वह अचम्भित है।  बेहड़ ने कहा कि किच्छा विधान सभा में खनन का जो अवैध कारोबार खुलेआम हो रहा है उसे कौन संरक्षण दे रहा है। एक पूर्व प्रधान किसकी शह पर हर खनन वाहन से 80 हजार वसूल रहा है। भूमाफियाओं और कबूतरबाजों को कौन संरक्षण दे रहा है। यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने पुलिस कप्तान पर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में पूर्व विधायक के साथ मिलकर पुलिस कप्तान अवैध वसूली करा रहे है। खनन माफियाओं के आगे जो पायलट वाहन जाता है वह किसका होता है? श्री बेहड़ ने कहा कि विधानसभा चुनाव में हुई हार को पूर्व विधायक अभी तक पचा नही पा रहे है और आज भी वह अपनी हार से तड़प रहे है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक में सब्र करना भी बहुत जरूरी होता है। श्री बेहड़ ने कहा कि विभिन्न नियमों के अर्न्तगत विधानसभा में प्रत्येक विधायक को बोलने का अधिकारी है जिसमें वह क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के साथ ही अपने विशेषाधिकार हनन का मामला भी उठा जाता है। श्री बेहड़ ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में एसडीएम और सीओ से फोन पर बहुत कम बात की है जिसका ब्यौरा निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज सम्पूर्ण राज्य में किच्छा विधानसभा ऐसा क्षेत्र है जहां राजनीतिक हस्तक्षेप काफी बढ़ गया है। वह सारे मामले आगामी विधानसभा सत्र में उठायेंगे।

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