भोंपूराम खबरी। उत्तराखंड कि जनपद मुख्यालय चमोली से बड़ी खबर आ रही है यहां नमामि गंगे परियोजना के एसटीपी प्लांट में करंट लगने से एक भालू की मौत हो गई है घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने भालू के शव को कब्जे में लेकर उसे शव विच्छेदन करने के बाद संबंधित विभाग के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
मामले के बाद केदार नाथ वन प्रभाग ने एसटीपी की देखरेख करने वाले विभाग जल संस्थान के अधिशाषी अभियंता एसके श्रीवास्तव, अवर अभियन्ता अरुण गुप्ता, सहायक अभियंता राहुल नेगी पर वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम 1972 के अंतर्गत नामजद मुकदमा दर्ज किया है। इस घटना के बाद संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
बुधवार को जिला मुख्यालय गोपेश्वर में वैतरणी में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत संचालित एसटीपी प्लांट में करंट लगने से एक मादा भालू एवम शावक की दर्दनाक मौत हो गयी थी, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने पाया कि इस घटना में सम्बंधित विभागों द्वारा बड़ी लापरवाही बरती गई है, प्रभागीय वन अधिकारी केदारनाथ तरुण एस के अनुसार जमीन पर विद्युत ट्रांफ़ार्मर रखा गया है जिससे आम जनमानस की जान को खतरा हो सकता है, कही भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात नही किये गए हैं। जांच में एसटीपी प्लांट को संचालित कर रहे जलसंस्थान के विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई है, जिसके चलते प्लांट में एक मादा भालू ओर उंसके शावक की मौत हो गई है, भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए विभाग ने एसटीपी संचालन कर रहे जलसंस्थान के अधिकारी कर्मचारियों पर वन्य जीव सुरक्षा अधिनिय1972 के तहत नामजद कार्रवाई की गई इस दौरान उप प्रभागीय वन अधिकारी जुगल किशोर चौहान, वन बीट अधिकारी सीएम रावत मौजूद थे।




