भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। रेल ट्रैक पर हाथियों के ट्रेनों से टकराने के मामले सामने आते हैं। हाथियों के पैर ट्रैक पर फंसकर चोटिल हो जाते हैं। वन विभाग ने रेल ट्रैक पर हाथियों की सुरक्षा के लिए अग्रिम चेतावनी यंत्र लगाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
ट्रेन की चपेट में आकर लगभग आधा दर्जन से अधिक हाथियों की मौत हो चुकी है। हाथियों की सुरक्षा को लेकर अब नई तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इससे हाथी जैसे ही रेल ट्रैक के पास आएंगे, अग्रिम चेतावनी यंत्र का अलार्म बज उठेगा। वन कर्मी संबंधित क्षेत्र पहुंचकर हाथियों को ट्रैक से दूर करेंगे। विभाग ने यंत्र लगाने के लिए में पहुंचकर हाथियों को ट्रैक से दूर कंपनियों से संपर्क साधना शुरू करेंगे। कर दिया है।
रुद्रपुर। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) ने लालकुआं से छतरपुर के बीच चार किमी हिस्से में ट्रैक के दोनों ओर फेंसिंग करने का सुझाव वन प्रभाग को दिया दिया है। हाथियों की आवाजाही के लिए अंडर पास बनाने को कहा है। रेलवे ट्रैक के आसपास हाथियों को ट्रैस करने के लिए वन प्रभाग की कुछ स्थानों पर वॉच टावर बनाने की भी योजना है। इसके साथ ही हाथियों की सुरक्षा के लिए रेलवे हल्दी क्षेत्र में रैंप बना रहा है, ताकि हाथियों के पैर रेलवे ट्रैक पर न फंसें तीन जगह रैंप बनाने का काम शुरू भी हो है।
ट्रैक पर अग्रिम चेतावनी यंत्र लगाना प्राथमिकता में शामिल है। डब्ल्यूआईआई के सुझावों पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। डब्ल्यूआईआई ने रेल ट्रैक पर हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए पेंसिंग करने के साथ ही पानी की निकासी ठीक करने का भी सुझाव दिया है। उमेश चंद्र तिवारी, डीएफओ, तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर




