भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। वन विभाग ने टांडा के जंगल में खैर की लकड़ी काटने के मामले में तीन फरार लकड़ी तस्करों की पहचान कर ली है। वन विभाग ने रेंज स्तर पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की है। सोमवार की आधी रात को वन विभाग की टीम और लकड़ी तस्करों का आमना-सामना हो गया था। वन विभाग की टीम ने खैर के गिल्टे काटकर भाग रहे लकड़ी तस्करों के वाहन के आगे अपना वाहन खड़ा अवरोध लगा दिया था।
लकड़ी तस्करों का वाहन वन विभाग के वाहन से टकरा गया था। वन विभाग की टीम ने लखविंदर सिंह और किशन विश्वास निवासी खटोला नंबर 2 दिनेशपुर को बोलेरो वाहन में भरे खैर के छह गिल्टों के साथ गिरफ्तार कर लिया था।
इस दौरान जंगल से वनकर्मियों ने खैर के ताजा कटे पेड़ों से बनाए गए 12 गिल्टे बरामद किए थे। वाहन टकराने से एक आरोपी लखविंदर सिंह घायल भी हो गया था। डिप्टी रेंजर दीवान सिंह रौतेला भी चोटिल हुए थे। आरोपियों से पूछताछ के बाद फरार तीन लकड़ी तस्करों की पहचान की गई।
आरोपी दिनेशपुर के मकरंदपुर, राधाकांतपुर और लालपुर के रहने वाले हैं। जल्द ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लकड़ी तस्करी पर रोक लगाने के लिए गश्त को बढ़ा दिया गया है। पुराने लकड़ी तस्करों की गतिविधियों के बारे में जानकारी की जा रही है। रूप नारायण गौतम, वन क्षेत्राधिकारी, टांडा रेंज




