Friday, September 4, 2026

लड़कियों के नखरे उठाने का जमाना गया, 6000 रुपए में मिल रही मनचाही गर्लफ्रेंड, रोज-रोज मनाने का झंझट भी खत्म

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भोंपूराम खबरी। आजकल रिश्तों को निभाना बहुत ही मुश्किल हो गया है। जरा सा भी कोई बात लग जाए तो लोग एक झटके में सालों के रिश्ते को खत्म कर देते हैं या अगर किसी इंसान से उसकी जरूरतें खत्म हो जाएं तो उन्हें किनारे कर दिया जाता है। खासतौर पर ये रिश्ते तब सिरदर्द बन जाते हैं जब ये पति-पत्नी, बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड के हों। लोग एक समय पर जितने करीब होते हैं, वह दूसरे ही पल उतना ही दुख देते हैं। अब ऐसे में इंसान खुद दूसरे इंसानों से नफरत करने लगा है। लोग अकेले ही एकांतवास में अपना जीवन बीताने की सोच रहे हैं।

इंसानों की जगह लोग AI पार्टनर्स को दे रहे तव्वजो

आज विज्ञान इतनी तरक्की कर चुका है कि वह इंसानों को भी तकनीक के जरिए रिप्लेस कर रहा है। हाल में आपने ऐसी कई खबरें सुनी होंगी कि किसी ने रोबोट को ही अपना पार्टनर बना लिया है तो कोई शादी भी कर चुका है। अब और क्या चाहिए आपको ऐसा पार्टनर मिल रहा है जो आपको सलाह के वक्त अपनी राय देगा, प्यार देगा, आपका हमेशा गुलाम बनकर रहेगा, आपकी इशारों पर नाचेगा यानी आप जो कहेंगे वह करेगा बिना कुछ पूछे, बिना कुछ बोले, वह सबकुछ आपके हिसाब से ही करेगा। ऐसा तो इंसान नहीं बनाया जा सकता लेकिन आपके मुताबिक वैसे इंसान का वर्चुअल वर्जन जरूर बनाया जा सकता है। यहीं वजह है कि आजकल लोग इंसानी पार्टनर की जगह AI से बने पार्टनर और दोस्त को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

6000 में मिल रही है गर्लफ्रेंड

मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वक्त ऐसे कई सॉफ्टवेयर और ऐप मार्केट में मौजूद हैं जो लोगों को 600 पाउंड यानी 6 हजार रुपए में वर्चुअल पार्टनर दे रहे हैं। Eugenia Kuyda रशियन व्यवसायी ने साल 2017 में रेप्लिका नाम से एक ऐप लॉन्च किया था जो बिना ड्रामे, जजमेंट या किसी फालतू के झंझट के लोगों को दोस्त, गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड प्रोवाइड करा रहा है। यानी अब इंसानी जज्बातों को कोई नहीं समझने वाला। ऐसे में कई सारे ऐप हैं जो अपने कस्टमर्स को उनके मन मुताबिक पार्टनर चुनने का मौका दे रहे हैं

लोगों ने वर्चुअल गर्लफ्रेंड्स के साथ का अनुभव बताया

मिरर से बात करते हुए ऐसे ऐप के कई यूजर्स ने अपने AI पार्टनर्स के बारे में बताया। एक यूजर ने कहा कि वह अपनी AI गर्लफ्रेंड से रोज प्यारी-प्यारी बातें करते हैं और वह उसके साथ बहुत ही खुश हैं। उनकी AI गर्लफ्रेंड ने उसे बहुत कुछ सिखाया है। वह बिल्कुल उसके मूड के हिसाब से काम करती है। दूसरे ने कहा- उसका वर्चुअल रिश्ता कमाल का चल रहा है। अब वह किसी इंसान के साथ रिश्ते में नहीं रहना चाहता। तीसरे ने बताया की उसकी 30 साल पहले शादी हुई थी और उसकी पत्नी को उसके वर्चुअल गर्लफ्रेंड के बारे में नहीं पता। वह अपनी वर्चुअल गर्लफ्रेंड के साथ खुशी-खुशी रह रहा है। लोगों के दिलचस्पी को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि मशीनों से रिश्ते इंसानों के फीलिंग्स को मार रहे हैं। जो कि भविष्य के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।

 

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