Friday, September 4, 2026

लंदन में बैठकर दिल्ली में उगाही का रैकेट चलाता है नंदू, तिलक नगर फायरिंग केस से खुला बड़ा राज, पुलिस ने किए ये दावे

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भोंपूराम खबरी। दिल्ली के तिलक नगर इलाके में एक मिठाई की और ज्वेलरी शॉप के बाहर हुई गोलीबारी और मुखर्जी नगर में भी एक दुकान के मालिक से रंगदारी मांगने के मामले में अब दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. दरअसल, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एनकाउंटर के बाद द्वारका इलाके से विष्णु क्रांति नाम के एक शूटर को गिरफ्तार किया है. पूछताछ के दौरान शूटर क्रांति ने जो खुलासा किया उससे पुलिस हैरत में है।

फोन से हुआ बड़ा खुलासा
जानकारी के अनुसार, क्रांति को गिरफ्तार करने के बाद जब पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को चेक किया तो पुलिस को पता लगा की क्रांति को लंदन में बैठकर गैंगस्टर नंदू लगातार निर्देश दे रहा था. मैसेज भेजने के लिए नंदू Zangi messenger का इस्तेमाल कर रहा था. पूछताछ के दौरान क्रांति ने पुलिस को बताया कि वो सिर्फ वही करता है जो उससे कहा जाता है. कब, कहां गोली चलानी है, कहां से पिस्तौल मिलेगी, बाइक कौन देगा यह सब उसे नंदू ही बताता है।

पूछताछ में क्रांति ने बताया कि शुक्रवार के दिन भी उसे जंगी ऐप पर एक मैसेज मिला था. इस मैसेज में दो टारगेट का जिक्र किया गया था. शूटर को दो जगह गोली चलाकर डर पैदा करना था. इस मैसेज के बाद क्रांति और विजय गहलोत ने अपने साथी सोनू फिल्मी के साथ बिल्डर को डराने के लिए खाली प्लॉट पर अंधाधुंध फायरिंग की थी।

इसके तुरंत बाद शूटर को तिलक नगर के स्वीट शॉप की लोकेशन मिली. जानकारी के मुताबिक इस व्यापारी से नंदू ने दो करोड़ की रंगदारी मांगी थी, लेकिन व्यापारी ने नंदू की बात को अनसुना कर दिया था. इसलिए नंदू ने उसे डराने के लिए अपने गुर्गों को उसके दुकान के बाहर गोली चलाने के लिए भेज दिया. गोलीबारी की इस घटना के बाद 24 घंटे के भीतर ही दिल्ली पुलिस ने क्रांति को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन बाकी दो आरोपी अभी भी गिरफ्तारी से दूर हैं.

मुखर्जी नगर में भी हुई थी फायरिंग
शनिवार को मुखर्जी नगर में एक ज्वेलरी शॉप के बाहर बाइक से आए बदमाशों ने गोली चलाई थी और एक पर्ची उन्होंने दुकान के बाहर फेंक दी थी. पर्ची पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी. पुलिस को अंदेशा है कि मुखर्जी नगर गोलीबारी के पीछे जेल में बंद गैंगस्टर नीरज बवाना और नवीन बाली का हाथ हो सकता है, क्योंकि यह दोनों कुख्यात बंबीहा के सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं और जो पर्ची ज्वेलर्स की दुकान के बाहर फेंकी गई थी उस पर इसी सिंडिकेट का नाम लिखा हुआ है. दिलचस्प बात कि बंबीहा गैंग और नंदू गैंग एक दूसरे के दुश्मन गैंग है।

कौन है गैंगस्टर नंदू उर्फ कपिल सांगवान
एजेंसियों के पास जो जानकारी है उसके मुताबिक नंदू अपने परिवार के साथ इंग्लैंड में रहता है. एजेंसियां उसे लगातार लोकेट करने की कोशिश कर रही है ताकि गैंगस्टर नंदू को हिंदुस्तान लाया जा सके. नंदू के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी है. नजफगढ़ का रहने वाला कपिल सांगवान उर्फ नंदू केंद्रीय विद्यालय से पढ़ा हुआ है. सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता है. कपिल सांगवान होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहा था, बताया जाता है कि इसी दौरान इसके दोस्त और जीजा की हत्या कर दी गई. इसके बाद ये अपराध की दुनिया में दाखिल होता है और फिर ताबड़तोड़ कई वारदातों को अंजाम देने के वह ब्रिटेन भाग गया और तब से वहीं पर रहकर अपना गैंग चल रहा है.

कपिल का बड़ा भाई ज्योति बाबा फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है. कहा तो यह भी जाता है कि कपिल ने अपना गैंग अपने बड़े भाई ज्योति के इशारे पर ही बनाया था।

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