भोंपूराम खबरी,रूद्रपुर। तकनीकी खराबी के चलते शुक्रवार रात रोडवेज स्टेशन की विद्युत आपूर्ति ठप हो गयी जिसके चलते पूरा रोडवेज परिसर रात भर अंधकार में डूबा रहा। रोडवेज स्टेशन का संचालन कर रही निजी कंपनी ने ऐन वक्त पर जनरेटर चलाने से हाथ खड़े कर दिये। रात भर विद्युत आपूर्ति ठप होने से रोडवेज स्टेशन का सारा काम काज ठप हो गया।
रात को दूसरे शहरों से लौटकर आये परिचालक कैश जमा नहीं कर पाये। इसके साथ ही लाईट से चार्ज होने वाली ई टिकट मशीनें भी चार्ज नहीं हो पायी जिस कारण सुबह बसों का संचालन ठप हो गया। इससे रोडवेज डिपो को लाखों की क्षति पहुंची है। वहीं अंधकार में डूबे रोडवेज परिसर में यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार शाम अचानक तकनीकी खराबी के चलते रात आठ बजे रोडवेज स्टेशन की विद्युत आपूर्ति ठप हो गयी। खराबी को लेकर विद्युत विभाग से संपर्क किया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रोडवेज में व्यवस्थाओं का संचालन कर रही निजी कंपनी सीआरएस इन्फ््रफा लि. के कर्मचारियों को जनरेटर चलाकर आपूर्ति बहाल करने के लिए कहा गया तो कंपनी के कर्मचारियों ने जनरेटर चलाने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जनरेटर के लिए तेल नहीं है। पूरी रात आपूर्ति ठप रहने के बाद सुबह पौने 11 बजे जनरेटर में जनरेटर में तेल डलने के बाद आपूर्ति सुचारू हो पायी। विद्युत आपूर्ति ठप होने से पूरा रोडवेज परिसर रात भर अंधकार में डूबा रहा, जिसके चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं कार्यालय में भी कोई काम नहीं हो पाये। रात को बसों के कई परिचालक दूसरे शहरों से यहां लौटे तो विद्युत आपूर्ति ठप होने के कारण वह कार्यालय में कैश जमा नहीं कर पाये और रात भर कैश के साथ रोडवेज परिसर में ही जमे रहे। विद्युत आपूर्ति ठप होने का असर बसों के संचालन पर भी पड़ा। दरअसल परिचालकों द्वारा प्रयोग में लाई जाने वाली ई टिकट मशीनों को रात भर चार्जिंग के लिए लगाया जाता है, जिसके बाद दूसरे दिन परिचालक इनका उपयोग कर पाते हैं, लाईट नहीं होने के कारण परिचालकों की करीब 95 मशीनें चार्ज नहीं हो पायी जिसके चलते सुबह कई बसें समय पर गंतव्य को रवाना नहीं हो सकी। परिचालकों का कहना था कि इससे रोडवेज को लाखों का नुकसान पहुंचा है। वहीं इस सम्बंध में डिपो के सहायक महाप्रबंधक कृष्ण सिंह राणा से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि रात को आठ बजे जंपर उड़ने से आपूर्ति ठप हो गयी थी, जिसे लेकर ड्यूटी पर तैनात क्लर्क रमाशंकर ने विद्युत विभाग को फोन किया लेकिन कई बार फोन करने के बाद भी फोन नहीं उठा। जनरेटर को लेकर उनका कहना था कि आम तौर पर रात को जनरेटर चलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिसके चलते जनरेटर के लिए तेल की व्यवस्था नहीं की गयी थी। रोडवेज को हुए नुकसान के सम्बंध में पूछने पर उन्होंने नुकसान की बात से इनकार किया, हालाकि कार्यालय के स्टाफ और बस परिचालकों ने लाखों के नुकसान की बात स्वीकार की है। फिलहाल रोडवेज में रात भर विद्युत आपूर्ति ठप रहने से रोडवेज स्टेशन की व्यवस्थाओं के साथ साथ विद्युत विभाग की व्यवस्थाओं की भी पोल खुल गयी है। रोडवेज जैसी महत्वपूर्ण सेवा में रात भर बिजली गुल होना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। जनरेटर होने के बावजूद सिर्फ तेल की खातिर आपूर्ति को बाधित रखना अपने आप बड़ी लापरवाही है। वो भी तब जबकि रोडवेज परिसर में सुरक्षा के कोई खास इंतजाम नहीं हैं। रात भर अंधकार में डूबे रोडवेज परिसर में परिचालकों के पास लाखों रूपये का कैश था। कैश को सुरक्षित रखने की चिंता में उन्हें पूरी रात जागकर बितानी पड़ी।




