भोंपूराम खबरी,रूद्रपुर। पटियाला जिले के दातासिंह वाला बार्डर पर गत दिवस आन्दोलित किसानों व पुलिस के मध्य हुई झड़प के पश्चात एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से आक्रोशित किसानों ने तराई किसान संगठन के बैनर तले हरियाणा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का पुतला फूंकने को लेकर किसानों की पुलिस से तीखी नोंक झोंक भी हुई।
बाद में किसानों प्रदर्शन के साथ भगतसिंह चौक में पुतले को आग के हवाले किया। इससे पूर्व तराई किसान संगठन के बैनर तले भारी संख्या में किसान गल्ला मंडी में एकत्रित हुए। जहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि आन्दोलित किसान की पुलिस की गोली लगने से मौत हुई है। सरकार किसानों के आन्दोलन को बल पूर्वक दबाना चाहती है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जायेगा। सभा को कई वक्ताओं ने सम्बोधित किया। सभा के बाद किसान हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का पुतला फूंकने के लिए रवाना होने लगे तो मौके पर मौजूद कोतवाल धीरेन्द्र कुमार ने पुलिस बल के साथ उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। जिससे किसानों व कोतवाल के मध्य तीखी नोंकझोंक शुरू हो गई। किसानों का कहना था कि उन्हें काशीपुर रोड़ या भगतसिंह चौक पर पुतला फूंकने दिया जाये लेकिन कोतवाल उन्हें रोकते रहे। काफी देर तक चली बहस के बाद आन्दोलित किसान नारेबाजी करते हुए भगतसिंह चौक की ओर बढ़ गये जहां उन्होंने हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के पुतले को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान तजेन्दर सिंह विर्क, इकबाल सिंह चीमा, जसवीर सिंह, बलविन्दर सिंह, बलकार सिंह, जोगा सिंह, चरनजीत सिंह, राजविन्दर सिंह, हरजीत सिंह, हरबंश सिंह, बलराज सिंह, सरजीत सिंह, करनैल सिंह, हीरा सिंह, अमृतपाल सिंह, सतपाल सिंह, रघुवीर सिंह, जरनैल सिंह, सुखदेव सिंह, हरपाल सिंह सहित अनेक किसान मौजूद थे।




