भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। सड़कों पर बेसहारा घूमने वाले निराश्रित पशुओं को अब जल्द ही आश्रय मिलेगा। इसके लिए प्रशासन ने नगर निगम रुद्रपुर व काशीपुर के साथ-साथ जसपुर, गदरपुर व बाजपुर पालिका क्षेत्र में भूमि का चयन कर पशुपालन विभाग को जमीन आवंटित भी कर दी है।
पशुपालन विभाग ने इन जमीनों पर कांजी हाउस गोशाला सेंटर का निर्माण कराने के लिए 25.58 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे हैं। पशुपालन विभाग के अनुसार उत्तराखंड बनने से पहले प्रदेश के जिला पंचायत क्षेत्रों में करीब 59 और नगर पालिका क्षेत्रों में 12 कांजी हाउस थे। उत्तराखंड बनने के बाद जिला पंचायतों ने इन कांजी हाउस को न चलाकर बरात घर बनवा दिए और नगर पालिकाओं ने भी इन्हें बंद कर दिया था। इससे इन कांजी हाउस गोशाला सेंटरों का अस्तित्व खत्म हो गया था। मामला हाई कोर्ट में पहुंचा तो हाईकोर्ट ने हर नगर निगम व पालिका क्षेत्र में कांजी हाउस बनवाने के आदेश जारी किए थे। इसी क्रम में डीएम उदयराज सिंह ने नगर निगम रुद्रपुर व काशीपुर समेत जिले के सभी पालिकाओं को कांजी हाउस बनाने के लिए भूमि का चयन करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद पशुपालन विभाग की ओर से नगर निगम व उक्त पालिकाओं के अधीन बनने वाली गोशालाओं के लिए 16 करोड़ 38 लाख व जिला पंचायतों की गोशालाओं के लिए 9.20 करोड़ के प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे हैं। धन आवंटित होते ही निर्माण भी शुरु हो जाएगा।
इतनी भूमि पर किया जाएगा निर्माण
कचनाल गुंसाई में 1.246 हेक्टेयर भूमि, जसपुर नगर पालिका और महुआडाबरा नगर निगम रुद्रपुर के लंबाखेड़ा में 1.6190 हेक्टेयर, काशीपुर नगर निगम क्षेत्र के नगर पंचायत के लिए महुआडाबरा में 4.000 हेक्टेयर भूमि, गदरपुर के बरीराई में 1.821 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। चयनित भूमि पशुपालन विभाग को आवंटित भी कर दी गई है। इसके अलावा जिला पंचायत के लिए चयनित बाजपुर गुलजारपुर गांव में 2.079 हेक्टेयर और खटीमा के हल्दी घेरा में 2.864 हेक्टेयर भूमि पर भी कांजी हाउस का निर्माण होगा।
सात सौ गायों की क्षमता वाले होंगे कांजी हाउस नगर निगम व पालिका क्षेत्रों में बनने वाले कांजी हाउस गोशाला सेंटरों की क्षमता 700 गायों को पालने की होगी। जिले में करीब 7600 बेसहारा पशु सड़कों पर घूमते हैं। वर्ष 2019 में इन पशुओं की संख्या 3475 थी। जो पांच सालों में बढ़कर 7600 हो गई। इनमें करीब 3200 नर पशु हैं और 4400 मादा पशुओं की संख्या है।
एनजीओ चलाएंगे गोशालाएं जिले में बनने वाली गोशालाएं एनजीओ के माध्यम से चलेंगी। ये एनजीओ उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड एवं गोसेवा आयोग या भारत सरकार के तहत भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड में पंजीकृत होने चाहिए। तभी इन एनजीओ गोशालाओं में निराश्रित पशुओं का पालन करने के लिए गोशालाओं का आवंटन किया जा सकेगा।
कांजी हाउस गोशाला सेंटर बनाने के लिए चयनित जमीनें आवंटित हो चुकी हैं। इन पर गोशालाएं बनाने के लिए 25.58 करोड़ के प्रस्ताव बनाकर शासन में भेजे हैं। धन आवंटित होने के बाद नगर जिला पंचायत, नगर निगम व नगर पंचायतें इनका निर्माण कार्य भी शुरु करा देंगी। यह कांजी हाउस जिला पंचायत, नगर निगमों व पालिकाओं के अधीन संचालित होंगे और एनजीओ इन गोशालाओं का संचालन करेंगे। डा. आशुतोष जोशी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ऊधम सिंह नगर




