Friday, September 4, 2026

युवाओं ने पेश की सेवा की मिसाल 

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। हिम्मते मर्दा-मददे खुदा ! जी हाँ, इस कहावत को शहर के कुछ युवाओं ने चरितार्थ कर दिखाया है। कोरोना महामारी के काल में जब आपदा से लोग विचलित हो गये, घरों से निकलना बंद कर दिया था और हर तरफ बीमारी का ही साम्राज्य दिख रहा था। लोगो को मदद की दरकार थी ऐसे में शहर के युवा समाजसेवी गौरव बेहड़ और कुलदीप सिंह लक्की ने मिलकर सोशल मीडिया के प्लेटफार्म वाट्सअप पर एक ग्रुप बनाया, जिसका नाम रखा गया ‘कोविड वार रूम’। इस ग्रुप में गदरपुर से शिवम् बेहड़, दीपक बेहड़ तथा अंकुर चावला को जोड़ा गया। जबकि किच्छा क्षेत्र की जिम्मेदारी कुलदीप सिंह लक्की और नितिन फुटेला को दी गयी।

लोग जुड़े तो कारवां बनता गया। गौरव बताते हैं कि कोरोना काल में जो सबसे बड़ी समस्या सामने आई वह थी मरीजों के लिए एम्बुलेंस सुविधा पर्याप्त मात्रा में न होना। इसके लिये किच्छा निवासी मनीष चिटकारा ने कोविड मरीजो को एम्बुलेंस से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने का जिम्मा उठाया और समूह के अन्य सदस्यों ने भरपूर सहयोग किया।

इसके बाद इस ग्रुप के सदस्यों ने मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर, एम्बुलेंस, फ्लो मीटर, ब्लड प्लाज़्मा, दवायें आदि उपलब्ध करनी शुरू की। धीरे-धीरे और लोग जुड़े तो पुरे जिले में एक ऐसी टीम तैयार हो गयी जो एक दूसरे के साथ संपर्क में रही और संसाधनों के साथ हर शहर में एक दूरे की मदद करती रही। ग्रुप ने जिले ही नहीं बल्कि जिले के बाहर भी ज़रूरतमंदो की मदद की।

ज्ञात हो कि गौरव बेहड़ पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़ के पुत्र हैं। उन्हीं के मार्गदर्शन में समूह चलाया जा रहा है। गौरव के अनुसार प्रतिदिन सुबह जिले भर के कोविड सेंटरों पर खाली बेड,आक्सीजन की उपलब्धता और अन्य ज़रूरी सामान की सूची बनाई जाती है। इस सिस्टम से उनके साथ जुड़े मेम्बरो को काम करने में सुविधा होती है साथ ही मरीज़ को भी आसानी होती है। इस ग्रुप में किच्छा से सभासद दानिश मलिक, आरिफ कुरैशी, जगरूप सिंह गोल्डी,अकरम खान, चेतन पटेल, चेतन गंगवार, अंग्रेज सिँह,दीप हँसपाल, रिक्की चावला, रूबल बठला. वही रुद्रपुर से रुदरपुर व्यापार मण्डल अध्यक्ष संजय जुनेजा भी ग्रुप से जुड़े हैं और लोगो की सेवा कर रहे हैं।

कुलदीप सिंह लक्की ने बताया कि कई बार मरीजों के परिजन मृत्यु होने पर उनके शव को लावारिस छोड़कर चले गए तो ऐसे में कोविड मृतकों के अंतिम संस्कार का जिम्मा भी इस ग्रुप ने उठाया। आक्सीजन को घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अकरम खान ने संभाली। जबकि राशन किट देने का काम नितिन फुटेला, रूबल बठला ने उठाया। विशेष कर ग्रुप द्वारा कोबिड मरीज़ो और उनके तीमारदारों को भोजन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। गौरव का कहना है कि महामारी से मिलकर ही जीता जा सकता है और जब तक यह क्स्झेत्र कोविड मुक्त नहीं होता समूह अपना कार्य करता रहेगा।

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.