भोंपूराम खबरी। राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरवरखेड़ा प्रथम जसपुर के औचक निरीक्षण में डीईओ को कई अनियमितताएं मिलीं। इसमें जहां प्रधानाध्यापक उपस्थित पंजिका पर हस्ताक्षर कर विद्यालय से गायब मिले, तो वहीं एमडीएम पंजिका में उपस्थित 140 बच्चों में मात्र 56 बच्चे ही विद्यालय में पाए गए। वहीं विद्यालय परिसर में पानी का भरान मिला। पंजिका के निरीक्षण में पाया गया कि 18 से 21 तक लगातार प्रधानाध्यापक की उपस्थिति दर्ज की गई है पर वे विद्यालय में उपस्थित नहीं थे। इस पर डीईओ ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है।
शिक्षा विभाग को लगातार शिकायत मिल रही है कि जसपुर में विद्यालय मनमानी कर रहे हैं जहां फर्जी नामांकन किए गए हैं तो छात्रों की उपस्थिति ज्यादा दिखाकर एमडीएम में धांधली की जा रही हैं। बृहस्पतिवार की दोपहर डीईओ हरेंद्र कुमार मिश्र ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरवरखेड़ा प्रथम जसपुर का औचक निरीक्षण किया।
इसमें पाया गया कि विद्यालय में कुल 183 बच्चे पंजीकृत हैं। छात्र उपस्थिति पंजिका में 140 बच्चे दिखाए गए थे पर मात्र कुल 56 बच्चे ही उपस्थित मिले। इसमें कक्षा एक और तीन में एक भी छात्र उपस्थित नहीं मिला। वहीं विद्यालय में रखरखाव, साज-सज्जा, पानी निकास की व्यवस्था ठीक नहीं पाई गई।
अध्यापक उपस्थिति पंजिका में प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर थे पर वे विद्यालय में उपस्थित नहीं थे। पत्र व्यवहार पंजिका में 18 से 21 तक लगातार प्रधानाध्यापक के विद्यालयी समय में विद्यालय छोड़ा पाया गया। निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि विद्यालय ने छात्र उपस्थिति बढ़ाकर एमडीएम में अनियमितता और गबन करते हुए विद्यालय को प्राप्त अनुदान राशि का दुरुपयोग किया गया है। इस पर प्रधानाध्यापक मो. याकूब को निलंबित करते हुए उप शिक्षा अधिकारी जसपुर कार्यालय से संबद्ध किया गया। इसके बाद वह हरियावाला राजकीय प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां सफाई की व्यवस्था सही मिली। उन्होंने विद्यालय में पुताई कराने को कहा। साथ ही छात्र-छात्राएं व शिक्षक भी मौके पर उपस्थित मिले।
कई विद्यालय विभाग के रडार पर, गिरेगी गाज
रुद्रपुर। इससे पहले डीईओ के निरीक्षण में घोर लापरवाही मिलने पर दो अध्यापकों को निलंबित किया जा चुका है। वहीं विभाग को लगातार एमडीएम में अनियमितता और फर्जी नामांकन की शिकायतें मिल रही हैं। इसको लेकर विभाग ने कई विद्यालयों को सूचीबद्ध भी किया है। जल्द ही कई और विद्यालयों के अध्यापकों पर गाज गिरनी तय हैं।




