Saturday, September 5, 2026

यहां भारतीय सेना का जवान कई दिनों से लापता

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भोंपूराम खबरी। भारतीय सेना के जवान के लापता होने के पीछे साजिश तो नहीं! मां-बहन ने 24 जुलाई से छोड़ा अन्नछोटी-छोटी घटनाओं के खुलासे पर अपनी पीठ थपथपाने वाली ऊधमसिंह नगर पुलिस और हरियाणा की अंबाला पुलिस ने लापता जवान को खोजने में जब कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई तो परिजनों ने खुद ही उसे खोजने का बीड़ा उठा लिया है।

अंतिम लोकेशन के आधार पर अब परिजन जवान को अंबाला में खोज रहे हैं।जवान की मां और बहन रोते-रोते बेसुध हो जा रही हैं। कह रही हैं कि जब तक रंजीत नहीं आएगा, वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगी। परिजनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी जवान को खोजने में मदद की गुहार लगाई है। भारतीय सेना का जवान रंजीत सिंह (23 वर्ष) पुत्र अवतार

ऊधमसिंह नगर और अंबाला पुलिस एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल अपना पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे में जवान के परिजन हताश हैं। अब उन्होंने खुद ही जवान को ढूंढने की ठान ली है। परिजन अंबाला को रवाना हो गए हैं। उन्होंने अंबाला के रेलवे और बस स्टेशन सहित सभी सार्वजनिक जगहों पर रंजीत की फोटो दिखाकर उसे खोजना शुरू कर दिया है।जवान को खोजने गए उसके मामा चरनजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने उनको अंतिम लोकेशन अंबाला का रेलवे स्टेशन बताई है। उसी आधार पर हम चार लोग पिछले 24 घंटे से लोगों से पूछताछ कर रहे हैं, लेकिन अभी तक रंजीत का कुछ पता नहीं चला है। बताया कि पंजाब पुलिस उन्हें कोई सहयोग नहीं कर रही है।ह निवासी तोता बेरिया 22 जुलाई से लापता है।

उन्होंने बताया कि वह भूखे-प्यासे बस अपने भांजे को ढूंढ़ने में लगे हैं, क्योंकि वह अपनी बहन का दर्द नहीं देख पा रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मामले का संज्ञान लेकर मदद करने की गुहार लगाई है। मां और बहन ने 24 जुलाई से छोड़ रखा है खाना जवान रंजीत सिंह के लापता होने की खबर सुन उसकी मां परमजीत कौर और बहन सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल है। 24 जुलाई से दोनों ने खाना नहीं खाया है। मां रोते हुए बताया कि हर बार की तरह जब भी रंजीत छुट्टी खत्म कर वापस ड्यूटी पर जाता था तो सीने से लगकर बस यही कहता था कि मां अपना और बहन का ख्याल रखना।लेकिन वो खुद किस हाल में होगा, यह कौन बताएगा।

बहन सुनीता ने कहा कि उसका भाई देश के लिए जान देने की बातें करता है, लेकिन आज जब उसको जरूरत है तो पुलिस और सभी लोग चुप हैं। कहा कि यदि किसी नेता या मंत्री का बेटा लापता हुआ होता तो देशभर की पुलिस उसको खोजने में जुट जाती।

लापता होने के पीछे साजिश तो नहीं! लापता रंजीत भारतीय सेना की 8 सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट का सदस्य है। यह रेजिमेंट अपनी बहादुरी के लिए जानी जाती है। ऐसे में रंजीत के लापता होने के पीछे कोई गहरी साजिश भी हो सकती है। रंजीत की भारतीय सेना में जान बसती है। ऐसे में वह अपनी सेना को छोड़कर खुद कहीं लापता नहीं हो सकता। परिजन इस आशंका से भी चिंतित हैं कि उसके साथ कुछ गलत न हो गया हो।

इन्हीं सबको लेकर परिजन पुलिस से उसको खोजने की लगातार मांग कर रहे हैं।जवान के लापता होने की गुमशुदगी केलाखेड़ा थाने में दर्ज कर ली गई है। परिजनों को भरोसा दिलाया गया है कि जवान को जल्द ढूंढ लिया जायेगा। सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। भूपेंद्र सिंह भंडारी, सीओ बाजपुर

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