भोंपूराम खबरी,पंतनगर। शांतिपुरी – बिंदुखत्ता क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। आलम यह है कि लगभग 35 हजार आबादी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त एक चिकित्सक के भरोसे है।
दोपहर दो बजे के बाद इमरजेंसी सेवा के लिए लोग एएनएम पर निर्भर हो जाते हैं। मरम्मत के अभाव में इमारत की छतें जगह-जगह से टपकने लगी हैं। इन्हीं टपकती छतों के नीचे प्रसूताएं प्रसव के लिए मजबूर हैं। 80 के दशक में शांतिपुरी नंबर दो में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई थी। अस्पताल के साथ ही परिसर में चिकित्सक और स्टाफ के लिए आवासों का निर्माण कराया गया।
40 वर्ष के लंबे अंतराल में आबादी चार गुना बढ़ गई, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण नहीं किया गया। वर्तमान में एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक वार्ड बॉय, एक स्वच्छक, एक स्टाफ नर्स और एएनएम नियुक्त हैं। यहां ओपीडी में प्रतिदिन 80-90 मरीज आते हैं, जबकि एक समय पर सिर्फ दो मरीजों के ही भर्ती करने की व्यवस्था है।
पंतनगर अस्पताल परिसर में कर्मचारियों के लिए बनवाए गए आवास उपयोग न होने और मरम्मत के अभाव में जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है। छतों से पानी टपकने के कारण फर्श पर काई जम चुकी है। आवासों के आस पास चार-पांच फुट ऊंची घास उग गई है। सांप-कीड़े पनपने की संभावना बनी रहती है।
निरीक्षण में अस्पताल की इमारत पुरानी होने छत टपकने की बात संज्ञान में आई थी। अस्पताल की ओर से अभी तक मरम्मत के लिए प्रस्ताव । नहीं दिया है। आबादी के हिसाब से केंद्र का उच्चीकरण होना जरूरी है, इसका प्रस्ताव मांगा जाएगा। डॉ. मनोज शर्मा, सीएमओ ऊधमसिंह नगर




