Saturday, September 5, 2026

यहां पोस्टमार्टम हाउस में दरांती और कुल्हाड़ी जैसे हथियारों से शवों का पोस्टमार्टम

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी। रुद्रपुर के पोस्टमार्टम हाउस में दरांती और कुल्हाड़ी जैसे हथियारों से शवों का पोस्टमार्टम हो रहा है भारत की तमाम परंपराएं शव को सम्मान से विदा करने पर विश्वास करती हैं।

यहां पोस्टमार्टम हाउस में दरांती और कुल्हाड़ी जैसे हथियारों से शवों का पोस्टमार्टम

इसके उलट रुद्रपुर के पोस्टमार्टम हाउस में दरांती और कुल्हाड़ी जैसे हथियारों से शवों की बेकद्री हो रही है इससे लोगों के लिए अपनों के शवों का अंतिम संस्कार करना ज्यादा पीड़ादायक हो रहा है। पोस्टमार्टम के इस तरीके से आपराधिक घटनाओं के शिकार लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद को भी बड़ा झटका लग सकता है। रुद्रपुर पोस्टमार्टम हाउस में हर महीने 50 से 60 तक शव आते हैं। चुनिंदा मामलों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस रिपोर्ट के दम पर ही गुनहगार सलाखों के पीछे पहुंचते हैं और बेगुनाह बेवजह जेल जाने से बच सकते हैं, लेकिन रुद्रपुर पोस्टमार्टम हाउस में इसे लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। मृत व्यक्ति की छाती के अंदर की पसलियां काटने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कटर मशीन की जरूरत होती है, लेकिन यहां दरांती और कुल्हाड़ी से चीर फाड़ की जा रही है। खाल को सटीक और जरूरत के मुताबिक काटने के लिए जिस सर्जिकल स्कैलपर की जरूरत होती है, उसकी जगह पर घरों में सब्जी काटने वाले चाकू का इस्तेमाल हो रहा है। 40 साल से ऊपर वालों के शवों का पोस्टमार्टम चुनौती यदि मृतक की उम्र 40 वर्ष और इससे ऊपर है तो पोस्टमार्टम के दौरान शव-विच्छेदन में दिक्कतें आती हैं। इस उम्र के बाद पसलियां परिपक्व हो जाती हैं और इन्हें काटने में दिक्कतें होती हैं। औजार की कमी मे मजबूरन दरांती से शव-विच्छेदन किया जा रहा है।

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.