Friday, September 4, 2026

यहां नदी में दो बच्चों के डूबने से हुई मौत

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भोंपूराम खबरी। गौला नदी में दो बच्चों के डूबने की सूचना पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता संजीव कुमार सिंह एवं कांग्रेस के पूर्व नगर अध्यक्ष अरुण तनेजा भी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों के साथ नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बच्चों की मौत के लिए नदी में किए जा रहे अवैध खनन को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की। कांग्रेसी नेता संजीव सिंह ने कहा कि उनके द्वारा पूर्व में कई बार क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन पर रोक लगाए जाने की मांग की गई है लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने के चलते दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई।

इस दौरान कांग्रेसी नेता सिंह की अगुवाई में दर्जनों ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और खनन माफिया पर कार्यवाही की मांग की। वहीं नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पुलभट्टा थाना पुलिस की टीम द्वारा पंचनामे की कार्रवाई शुरू किए जाने का विरोध कर परिजनों ने दोनों बच्चों का पोस्टमार्टम करने से साफ इनकार कर दिया।

इस दौरान दोनों मृतक बच्चों के परिजनों एवं पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हो गई। मौके पर मौजूद कांग्रेस नगर अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी बबलू के काफी देर समझाने के बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हो गए। इसके बाद पुलिस द्वारा पंचनामा भरने और पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

विधायक बेहड़ ने हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया

किच्छा। नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो नाबालिग बच्चों की डूबने से हुई मौत की जानकारी पर क्षेत्रीय विधायक तिलक राज बेहड़ के नेतृत्व में तमाम कांग्रेसी सरकारी अस्पताल पहुंच गए। परिजनों को ढांढस बंधाते हुए विधायक बेहड़ ने हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया और प्रशासन से दोनों बच्चों के परिजनों को पांच -पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा विधानसभा में भी अवैध खनन का मुद्दा उठाया गया था लेकिन बावजूद इसके अवैध खनन रोकने के लिए कोई कड़े कदम नहीं उठाए गए। विधायक बेहड़ ने कहा कि अवैध खनन रोकने तथा बच्चों के परिजनों को आर्थिक मदद एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके द्वारा 26 मार्च को एसडीएम कार्यालय के बाहर एक दिवसीय उपवास रखकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

मौके पर कांग्रेस नगर अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी बबलू, पूर्व पालिका अध्यक्ष दर्शन कोली, कांग्रेस जिला महामंत्री गुलशन सिंधी, राजेश प्रताप सिंह, गौरव बेहड़, सुनीता कश्यप, धर्मेंद्र सिंधी, दीप हंसपाल आदि मौजूद रहे। इधर तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने भी सरकारी हॉस्पिटल पहुंचकर बच्चों के परिजनों से वार्ता की और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

गौला नदी से डूबे दोनों बच्चों को बाहर निकाले जाने के बाद ग्रामीणों एवं बच्चों के परिजनों में पुलभट्टा थाना पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर काफी आक्रोश नजर आया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बच्चों के डूबने के बाद करीब 3 घंटे तक बच्चों को ढूंढने की प्रक्रिया चलती रही, लेकिन इस बीच पुलिस प्रशासन द्वारा मौके पर एक एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं की गई। दोनों बच्चों को गौला नदी से निकालने के बाद एंबुलेंस ना होने के चलते परिजनों को मजबूरन दोनों बच्चों को मोटर साइकिल तथा ई-रिक्शा के माध्यम से सरकारी अस्पताल पहुंचाने को मजबूर होना पड़ा।

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