भोंपूराम खबरी,गदरपुर। नजदीकी ग्राम बकैनिया में कुमायूं पेयजल जल संस्थान में तीन साल से पानी आपूर्ति बंद होने के बावजूद ग्रामीणों को 4000 हजार रुपये प्रति कनेक्शन पानी बिल भेजा गया। जिससे ग्रामीणों में हलचल मच गयी। जब इसकी शिकायत जेई से की गयी तो उन्होंने इस मामले की जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजी है। जानकारी के अनुसार 20 मार्च 2021 जब पानी बंद हो गया था तो आरटीआई कार्यकर्ता विश्वनाथ द्वारा पीएम पोर्टल पर शिकायत की गयी थी। इसके बाद जेई द्वारा सकैनिया मोड से इंजन लगाकर पानी की आपूर्ति शुरू की गयी थी। सकैनिया के लोगों द्वारा जब इसका विरोध किया गया तो इंजन हटाया दिया गया था। तब से पानी की आपूर्ति बंद हो गयी थी। इसके बाद जब 13 दिसम्बर 2022 को आरटीआई कार्यकर्ता विश्वनाथ द्वारा शिकायत की गयी कि पानी की आपूर्ति विगत वर्ष से बंद पड़ी है और 3500 रुपये का बिल भेज दिया गया। तब जल संस्थान ने आश्वासन दिया था कि बिल का निस्तारण कर दिया जायेगा। इसके बाद अब पुनः 4000 रुपये का बिल भेजा गया। इस गांव में करीब दो दर्जन से अधिक लोगों के पास पानी का कनैक्शन है। पिछले दिनों आरटीआई कार्यकर्ता विश्वनाथ की शिकायत पर जल संस्थान द्वारा बिल वापस लेने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अभी तक बिल वापस नहीं लिये गये है। जिसको लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त हैं। ग्रामीणों ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर बिल जमा नहीं करेंगे। जब पानी ही नहीं दिया गया तो बिल किस बात का अदा किया जाये। बताया जाता है कि शिकायत को संबंधित विभाग ने स्वतः ही बंद कर दिया है। भेजी गयी रिपोर्ट में स्वीकार किया गया है कि जल जीवन मिशन योजना में खुदाई के दौरान पाइप टूट गयीं हैं जिसे ठीक नही किया जा सकता। इस कारण पानी की आपूर्ति ठप रही। इधर जल जीवन का कार्य बेहद सुस्त है जिस कारण गांव के लोग अब अपने घरों में खुद का बोर कराने के लिए विवश हैं। इस सम्बंध में जब जल संस्थान के जेई तरुण शर्मा से जानकारी ली गयी तो उनका कहना था कि जेई और ऐई से रिपोर्ट मांगी गई है उनके द्वारा प्राप्त रिपोर्ट को भेज दिया गया है।शासन से जो निर्णय लिया जायेगा उसके बाद भी बिल संबंधी अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।
जल संस्थान द्वारा पूर्व में भी गदरपुर के करतारपुर रोड पर एक सैनिक की विधवा से घर पानी कनेक्शन ना होने के बावजूद हजारों रुपए का बिल भेज कर जमा करने के लिए प्रताड़ित किया गया था वहीं जगह-जगह टूटी पेयजल लाइनों को दुरुस्त करने के लिए कोई पहल नहीं की जाती टूटी हुई पाइप लाइनों जोकि गंदे पानी की नाली के बीच से निकलती हैं, पाइपलाइन टूटे होने से गंदे पानी को भी साथ साथ लेकर सप्लाई कर रही है जिसका कोई संज्ञान नहीं लिया जाता नहीं बेकार में बहता पानी और लोगों द्वारा पेयजल में टुल्लू पंप लगाकर गाड़ियों, फर्श और सड़कों को धोना आम बात हो गई है पेयजल का दुरुपयोग किसी से छुपा नहीं है परंतु जल संस्थान आंखें मूंदे बैठा है । नारा दिया जाता है जल ही जीवन है ।




