Friday, September 4, 2026

यहां ट्रैक पर पेट्रोलिंग करते दो रेलकर्मी ट्रेन से कटे, मौत

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भोंपूराम खबरी। कलेक्टर फॉर्म गेट नंबर-15 के पास मंगलवार सुबह ट्रैक पर पेट्रोलिंग करते दो रेलवे कर्मचारियों की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई। सूचना पर पहुंची रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए उप जिला चिकित्सालय भेजा। मंगलवार सुबह 5.25 बजे मझोला के पास ट्रैक मेंटेनर 27 वर्षीय अमरजीत सिंह राना पुत्र श्याम सिंह राना निवासी श्रीपुर बिचुवा खटीमा और 20 वर्षीय शिवा पुत्र ईश्वरी लाल निवासी बरखेड़ा जिला पीलीभीत गश्त के दौरान टनकपुर से मथुरा जाने वाली ट्रेन संख्या-05062 की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर

मौत हो गई। दुर्घटना मझोला स्टेशन क्रॉस कर कलेक्टर फॉर्म गेट नंबर-15 से करीब 800 मीटर की दूरी पर हुई। घटना के दौरान एक्सप्रेस ट्रेन काफी देर तक घटनास्थल पर रुकी रही। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी मझोला स्टेशन मास्टर और पुलिस को दी। सूचना पर मौके पर पहुंचे रेलवे टीम ने शवों की शिनाख्त की। आरपीएफ एसआई जितेंद्र कुमार, 17 मिल चौकी प्रभारी ललित सिंह बिष्ट और एएसआई पूरन चंद्र पांडे ने मौके पर पहुंचकर का जायजा लिया और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम लेख लिए भेजा। युवकों की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

अंतिम संस्कार के लिए रेलवे ने दी धानराशि

खटीमा। रेलवे की ओर से मुख्य कर्मचारी कल्याण निरीक्षक मलखान सिंह ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मिले और रेलवे की ओर से अंतिम संस्कार के लिए 25 हजार रुपये की राशि प्रदान की। इधर घटना की सूचना मिलते ही विधायक भुवन कापड़ी ने अस्पताल पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

कोहरा बना हादसे का कारण, परिजन कर रहे जांच की मांग

खटीमा। पीलीभीत आरपीएफ उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि कोहरे और धुंध की वजह से यह हादसा हुआ है। इधर रेलवे के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि यह रन ओवर की घटना है। इसमें जांच नहीं होती अलबत्ता परिजनों को विभाग द्वारा मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि मृतकों के परिजनों ने घटना की जांच की मांग की है। उन्होंने इस पूरे मामले में लापरवाही की आशंका है।

पांच मिनट पहले गेट मैन रमन से हुई थी बात

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लाइव स्कोर

खटीमा। जानकारी के मुताबिक दोनों कर्मचारीयों ने सुबह 5.18 बजे गेट संख्या 15 पर पहुंचकर पंजिका में अपने हस्ताक्षर किए और मृतक अमरजीत सिंह राणा ने गेट कर्मचारी रमन कुमार से बातचीत के दौरान बताया कि उसके माता-पिता की तबीयत खराब है, इसलिए वह घर जल्दी जाएगा। वहीं बातचीत के मात्र पांच मिनट के बाद जैसे ही वह दोनों लगभग 800 मी दूर गए हादसे के शिकार हो गए।

50 से 100 मीटर क्षेत्र में बिखर गए अवशेष

खटीमा। घटना इतनी भयानक थी कि मृतकों के अंग घटना स्थल से लगभग 50 से 100 मीटर की दूरी पर छिटके हुए मिले, जिसको पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद खोजबीन कर एकत्र किया। लगभग 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को पोस्टमार्टम की कार्रवाई हेतु नागरिक चिकित्सालय भेजा।

 

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