भोंपूराम खबरी,रूद्रपुर। सरकारी योजना का झांसा देकर अनुदान में ट्रेक्टर दिलाने के नाम पर कुछ लोगों ने दो किसानों से लाखों रूपये की धोखाधड़ी कर ली। अनुसूचित जाति जनजाति आयोग अध्यक्ष द्वारा मामले का संज्ञान लेने पर पुलिस ने रपट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दर्ज रपट में ओमप्रकाश सिंह पुत्र लाल सिंह राणा निवासी ग्राम नगला सितारगंज व महेश सिंह राणा पुत्र स्व. किशन दास राणा निवासी ग्राम साधूनगर सितारगंज का कहना है । कि दोनों थारु जाति के गरीब छोटे किसान हैं। मई 2013 कीे दोपहर पूर्व परिचित ओम प्रकाश सिंह पुत्र सोडीराम निवासी ग्राम डोहरी सितारगंज के साथ उसने घर चार व्यक्ति आये जिन्होंने अपना नाम पता रफीक सैफी पुत्र सूखा निवासी इस्लामनगर वार्ड 06 गदरपुर, सबडीलर महक मशीनरी स्टोर रूद्रपुर, सनब्बर अली पुत्र जुम्मा निवासी इस्लानगर वार्ड गदरपुर, मुजीवबैग सबडीलर महक मशीनरी स्टोर रूद्रपुर मैशीफर्गुशन और आश्यर कम्पनी ट्रैक्टर विक्रेता / सप्लायर और मैग्मा फाइनेन्स कम्पनी लिमिटेड कार्यालय हल्द्वानी जिला नैनीताल का सर्वे विकास अधिकारी बताया। अमन पुत्र हंसी निवासी ग्राम रोशनपुर गदरपुर। उन्होंने बताया कि तहसील सितारगंज में वर्ष 2013 में सरकारी योजना के अन्तर्गत अनुदान में अनुसूचित जनजाति ;थारू जातिद्ध के छोटे-छोटे गरीब किसानों को मैशीफर्गुशन कम्पनी व आयशर कम्पनी के ट्रैक्टर 6-7 लाख रूपये कीमत के ट्रैक्टर 75 प्रतिशत अनुदान पर सरकार द्वारा दिये जा रहे हैं। इस योजना में चयनित प्रत्येक किसान को दो-दो लाख रूपया नकद अपनी अपनी हिस्सा पूंजी नगद मैग्मा फाइनेन्स कम्पनी कार्यालय हल्द्वानी में जमा करनी अनिवार्य है। उनकी बातों पर विश्वास कर दोनों ने आवश्यक सभी कागजात और दो-दो लाख रूपया नकद लेकर महक मशीनरी स्टोर रूद्रपुर पहुंचे जहां दोनों के अलग अलग दस्तखत कराये व दो-दो लाख रूपया जमा कराकर कहा अगले माह ट्रैक्टर मिल जायेगे। लेकिन ट्रेक्टर नहीं मिले। 28.07.2013 दोनों महक मशीनरी स्टोर रूद्रपुर और मैग्मा फाइनेन्स कम्पनी कार्यालय हल्द्वानी पहुंचे जहां बैठे लोगों ने दोनों को जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मार-पीट पर उतारू होकर धमकियों दी कि कोई कानूनी कार्यवाही की तो दोनों को इस फाइनेन्स कम्पनी के लाखों रूपयों का फर्जी ऋण बकाया दिखाकर फर्जी ऋण की जबरन वसूली तुम लोगों की अचल-चल सम्पत्ति से वसूली करेंगे। मामले की शिकायत पुलिस से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।




