भोंपूराम खबरी। पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ गणेश उपाध्याय ने प्रेस को विज्ञप्ति में कहा है कि मोदी सरकार में किसानों की दुर्दशा बढ़ी है। भाजपा सरकार माननीय हाईकोर्ट के भी आदेशों का पारदर्शिता के साथ पालन नहीं कर रही है।
देश की 162 फसलों को उत्पादन लागत का तीन गुना दिलाने हेतु वह जल्द ही माननीय सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करेंगे। पूर्व में माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल में दाखिल जनहित याचिका के निर्णय से वह संतुष्ट नहीं हैं। किसानों की आत्महत्या के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते चले जा रहे हैं और सरकार उद्योगपतियों के हाथों की कठपुतली बनी हुई है।उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री आम जनता से और आम जनता की समस्याओं से कोसों दूर रहते हैं तथा उद्योगपतियों के हितों के निर्णयों को रातों-रात अमली जामा पहनाने में लगे हैं। आगामी लोकसभा चुनाव में करोड़ अरबो रुपए भाजपा के महिमा मंडल के लिए इकट्ठा किया जा रहा है।खुलेआम हर तरफ प्रदेश में लूट मची है। आम जनता गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी और जन समस्याओं से जूझ रही है। हमारे द्वारा माननीय हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका वजह से उत्तराखंड सरकार ने किसान आयोग का गठन किया। भारत सरकार के केंद्रीय कृषि सचिव को जब नैनीताल खंडपीठ का नोटिस होने पर सरकार ने लिखित एफिडेविट कोर्ट में देकर प्रधानमंत्री मोदी जी ने कैबिनेट की मीटिंग की । अभी हम 23 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य डेढ़ गुना दे रहे हैं ,भविष्य में इस बारे में सरकार सकारात्मक सोच को आगे बढ़ा रही है। मेरी जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया गया जबकि मेरे द्वारा देश के 162 फसलों को उत्पादन लागत का तीन गुना देने की बात कही गई थी। हम इस निर्णय से सहमत नहीं हूं ,यथाशीघ्र ही दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में दायर करने जा रहा हूं।




