भोंपूराम खबरी। पूर्व दर्जा राज्यमंत्री एवं कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ गणेश उपाध्याय ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले एक और जुमला फेंका है और यह जुमला अब तक का सबसे बड़ा जुमला है।
मोदी सरकार ने हमारे देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है, उनकी उम्मीदों को तोड़ा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम तो भाजपा सरकार ने पास करा लिया पर अधिनियम से महिलाओं को लाभान्वित करने की राह में झोल कर दिया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मुताबिक, महिला आरक्षण कानून आगामी जनगणना के बाद लागू होगा। कानून बनने के बाद होने वाली जनगणना के बाद आरक्षण लागू करने के लिए नए सिरे से परिसीमन होगा। परिसीमन और जनगणना के प्रावधानों को क्यों शामिल किया गया है? इसका मतलब है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू नहीं किया जाएगा। इससे भाजपा की मंशा पर सवाल खड़ा होना लाज़मी है। हम मांग करते हैं कि परिसीमन और जनगणना के प्रावधानों को हटाया जाए तथा 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए महिला आरक्षण लागू किया जाए। महिला अपराध में बढ़ोतरी के साथ उत्तराखंड देश में छठे स्थान पर है। तमाम सरकारी-गैर सरकारी प्रयासों के बाद भी उत्तराखंड में महिला अपराध वर्ष दर वर्ष बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में इस वर्ष महिला अपराध 26 प्रतिशत ऊपर पहुंच गया। एनसीआरबी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार महिला अपराधों की संख्या पांच हजार से अधिक हो चुकी है। एनसीआरबी की रिपोर्ट में महिलाओं से दुष्कर्म मामलों में उत्तराखंड 9 पहाड़ी राज्यों में टॉप स्थान पर पहुंच गया है। पिछले 2 साल में 4000 से अधिक महिलायें और 1200 के करीब लड़कियां प्रदेश से लापता हो गईं। जिनकी गुमशुदगी की मामले प्रदेश के तमाम थाना कोतवालियों में दर्ज है। अंकिता की मां सोनी देवी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए वीडियो जारी किया है। वीडियो में एक बड़े नेता की नाम भी अंकिता भंडारी की मां ले रही हैं, सरकार के नियत में खोट है। यही वजह है कि अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराधों में वृद्धि हुई है। ऐसे तमाम मामले हैं, जिनको सरकार दबा कर बैठी हुई है। अंकिता भंडारी के हत्यारे अभी भी बेलगाम घूम रहे हैं। इस कांड में जो वीआईपी व्यक्ति है, उसका प्रदेश सरकार अभी तक नाम तक उजागर नहीं कर पाई है। वहीं दूसरी ओर भाजपा देश और प्रदेश में नारी शक्ति वंदन महोत्सव मनाकर मातृ शक्ति और जनता को गुमराह कर रही है। महोत्सव के नाम पर गरीब प्रदेश की जनता की मेहनत पसीने की कमाई को बेहिसाब खर्च किया जा रहा है। रुद्रपुर में 660 बसों के द्वारा सरकारी खर्च पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जबरन शीतलहर में एकत्र किया गया। भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर गरीब जनता को कर्ज के बोझ तले दबाकर ऐसे बेफिजूल के महोत्सव कर देश की गरीब जनता का उपहास कर रही है।देश और प्रदेश में बेरोजगारी व महंगाई चरम सीमा पर है, इसे आम जनता बेहद परेशान है. जनता का अब बीजेपी से रुझान खत्म हो रहा है। आने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी जनता के बीच जाकर भाजपा सरकार के झूठ को बेनकाब करेगी।




