भोंपूराम खबरी। किच्छा कोतवाली में सुरक्षा को लेकर गये नवविवाहित दम्पत्ति और उसके परिजनों के साथ महिला एसआई द्वारा की गई अभद्रता और मारपीट के मामले में उच्च न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ नोटिस जारी करते हुये घटना दिवस की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।
विदित हो कि किच्छा निवासी रवि रस्तोगी ने यही निवासी युवती के साथ उसके परिजनों की रजामंदी के खिलाफ विवाह रचाया था। रवि रस्तोगी ने युवती के परिजनों से अपनी और अपनी पत्नी की जान को खतरा बताते हुये उच्च न्यायालय में एक रिट डालते हुये सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश पंकज पुरोहित और न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने मामले का संज्ञान लेते हुये किच्छा कोतवाल को उक्त दोनों को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया था। गत 6 अप्रैल को जब उच्च न्यायालय का आर्डर लेकर रवि रस्तोगी अपनी पत्नी, बहन राधा रस्तोगी और मॉ सीमा चौहान के साथ किच्छा कोतवाली पहुंचा तो वहां मौजूद महिला एसआई रीनी चौहान ने उच्च न्यायालय के आर्डर की कॉपी को फैंक कर उक्त जनों से अभद्रता शुरू कर दी थी। रवि रस्तोगी द्वारा जब उसे उच्च न्यायालय का आर्डर बताते हुये पुनः उसके हाथ में कापी दी तो गुस्साई महिला एसआई ने उसे फाड़ दिया। रवि रस्तोगी का आरोप था कि इस दौरान उक्त महिला एसआई ने उसके व उसकी बहन, मॉ के साथ मारपीट भी की गई। इस घटना को उच्च न्यायालय की खिलाफत बताते हुये रवि रस्तोगी के अधिवक्ता हर्ष तनेजा द्वारा उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दाखिल कर दी। आज अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुये उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश मनोज तिवारी ने आरोपी महिला एसआई के खिलाफ नोटिस जारी करते हुये मामले की अगली तारीख 20 जून तक अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। साथ ही उच्च न्यायालय ने घटना दिवस 6 अप्रैल 2024 की प्रातः 11 बजे से 1 बजे तक की कोतवाली में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी सुरक्षित रखने को कहा है।




