भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। मदरसा बोर्ड खत्म होने के बाद जिले के मदरसे मान्यता की कसौटी पर उतरने की लाइन में खड़े हैं। 118 मदरसों में से अब तक सिर्फ 11 ने ही आवेदन किया है। मान्यता मिलने के बाद इनमें पढ़ने वाले 45 हजार विद्यार्थी शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ जाएंगे।
मदरसा बोर्ड समाप्त होने के बाद मदरसों में नई शैक्षणिक व्यवस्था लागू होने लगी है। अब मदरसों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेनी होगी। वर्तमान में जिले में संचालित 84 मदरसे प्रधानमंत्री पोषण योजना से भी जुड़े हैं। सरकार ने सभी मदरसों को नई व्यवस्था के तहत मान्यता लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई है।
निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले मदरसों को विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से मान्यता दी जाएगी, जिससे वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मान्यता प्राप्त शिक्षा प्रणाली का लाभ मिल सकेगा।
तीन महीने का समय, ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
रुद्रपुर। प्रदेश सरकार ने मदरसों को नई व्यवस्था के तहत उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेने के लिए तीन महीने का समय दिया है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। मदरसा प्रबंधन को निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके बाद शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों और मानकों का परीक्षण किया जाएगा।
शासन के निर्देशों के अनुसार मदरसों के मान्यता आवेदन प्राप्त होने के बाद दस्तावेजों और मानकों का परीक्षण किया जाएगा। मदरसा प्रबंधन को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए, ताकि किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो। हरेंद्र कुमार मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी




