Saturday, September 5, 2026

भारतीय दुकानों में अब विदेशी करें UPI से पेमेंट, NPCI का धमाका! One World UPI किया लॉन्च

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भोंपूराम खबरी। अब विदेश से भारत घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने एक नया वॉलेट लॉन्च किया है, जिसका नाम है “One World UPI” ये वॉलेट विदेशी सैलानियों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।

आजकल भारत में ज्यादातर पेमेंट्स UPI के जरिए हो रही हैं। ये तेज और सुरक्षित तरीका है, पर अब तक ये सुविधा सिर्फ भारतीय बैंक अकाउंट रखने वालों के लिए ही थी। One World UPI के आने से ये दिक्कत दूर हो गई है। अब विदेशी नागरिकों को भी भारतीय दुकानों और शॉप्स पर पेमेंट करने के लिए ना तो रुपए कैरी करने की जरूरत होगी, ना ही बार-बार करेंसी एक्सचेंज कराने की झंझट उठाना पड़ेगा!

तो ये One World UPI कैसे काम करता है? आइए, विस्तार से समझते हैं:

विदेशी सिम और बैंक खाते की कोई जरूरत नहीं: One World UPI इस्तेमाल करने के लिए विदेशी सैलानियों को भारतीय सिम या भारतीय बैंक खाते की कोई आवश्यकता नहीं है। ये उन पर्यटकों के लिए काफी राहत की बात है जो सिर्फ घूमने के लिए भारत आते हैं और यहा बैंक खाता नहीं खुलवाना चाहते।

Prepaid वॉलेट की तरह काम करता है: ये वॉलेट एक तरह से प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज की तरह काम करता है। यानी, सबसे पहले इस वॉलेट में ऐप डाउनलोड करके विदेशी अपनी मनचाही रकम लोड करवा लेंगे।

कैसे लोड करें पैसा?

पैसा लोड करने के लिए कई आसान तरीके होंगे। उदाहरण के लिए, विदेशी करेंसी को एयरपोर्ट या होटल में एक्सचेंज करके वॉलेट में डाली जा सकती है। इसके अलावा, अपने अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट या डेबिट कार्ड से भी सीधे वॉलेट में पेमेंट किया जा सकेगा।

कैसे करें पेमेंट?

पेमेंट करना बाकी UPI ऐप्स की तरह ही है। दुकानों पर लगे यूपीआई क्यूआर कोड को स्कैन करके आसानी से पेमेंट कर सकेंगे। लेनदेन का नोटिफिकेशन उसी तरह मिलेगा जैसा किसी भारतीय UPI ऐप में मिलता है।

बचा हुआ पैसा वापस ले जाएं: घूमने के बाद अगर वॉलेट में पैसे बच जाते हैं तो उन्हें वापस अपने असली बैंक खाते में ट्रांसफर किया जा सकता है। ये सुविधा काफी फायदेमंद है क्योंकि कई बार घूमते वक्त जरूरत से ज्यादा पैसा लोड करवा लेना आम बात है।

One World UPI वॉलेट को शुरू करने से विदेशी सैलानियों को काफी सहूलियत होगी। उन्हें न तो कैश कैरी करने की परेशानी होगी और न ही बार-बार करेंसी एक्सचेंज कराने का झंझट। साथ ही, इससे भारत में कैशलेस लेनदेन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे डिजिटल पेमेंट का दायरा बढ़ेगा और भारत एक Modern Economy के रूप में और मजबूत होगा।

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