भोंपूराम खबरी। रुद्रपुर कारपूलिंग मोबाइल ऐप ब्ला ब्ला के जरिए प्राइवेट कार स्वामी अपने कार में सवारियां ढो रहे हैं। जिसका टैक्सी चालकों ने विरोध किया है। शिकायत पर एसएसपी डा. मंजूनाथ टीसी ने जिले भर में पुलिस अधिकारियों को टैक्सी में चलने वाले प्राइवेट वाहनों को एमवी एक्ट में सीज कर वाहन स्वामियों पर कार्रवाई करने को कहा है।
पिछले कुछ दिनों से शहर में ब्ला- ब्ला नाम के एप से प्राइवेट वाहन स्वामी दूर-दराज की सवारियां ढो रहे हैं। जिससे टैक्सी चालकों को सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। इसकी भनक टैक्सी चालकों को हुई तो उन्होंने ऐसे प्राइवेट वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। साथ ही मामले से पुलिस अधिकारियों को भी अवगत कराया। बताया कि ब्ला ब्ला एप का कोई भी पंजीकरण नहीं है और न ही चालकों का कोई सत्यापन है। ऐसे में टैक्सी में चल रहे प्राइवेट कार से कोई भी घटना हो सकती है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने जिला पुलिस को आदेश दिया है कि जिले भर में अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को चिह्नित किया जाए। प्राइवेट वाहन होने के बाद भी टैक्सी के रूप में संचालित मिलने पर कार्रवाई की जाए। एसएसपी ने बताया कि पंजीकृत टैक्सी चालक पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। जिसके बाद तत्काल बला बला एप से प्राइवेट वाहनों टैक्सी में चला रहे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
टैक्सी आपरेटरों का कहना है कि कारपूलिंग मोबाइल ऐप ब्ला ब्ला के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है।
जबकि निजी वाहन चालक अवैध सवारियां बैठाकर मालामाल हो रहे हैं। टैक्सी चालकों ने सरकार और विभाग से गुहार लगाई है कि निजी वाहनों में कारपूलिंग के नाम पर सवारियां ढोने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। क्योंकि ये लोग बस से भी कम किराए पर सवारियां ढो रहे हैं। कुछ शहरों में परिवहन व पुलिस विभाग ने ऐसे निजी वाहन चालकों पर कार्रवाई करते हुए हजारों का लगाया है।
जानिए, व्ला – व्ला मोवाइल एप है क्या?
ब्ला ब्ला एक कारपूलिंग मोबाइल एप है। उदाहरण के लिए यदि कोई अपनी निजी गाड़ी से हल्द्वानी से लखनऊ जा रहा है तो वो इस एप पर अपनी जानकारी शेयर करेगा और बताएगा कि उसके साथ कितने और लोग जा सकते हैं। फिर हल्द्वानी से लखनऊ जाने वाला इससे संपर्क करेगा और बस किराया या अधिक में हल्द्वानी से लखनऊ चला जाएगा। कारपूलिंग के नाम पर यह सबकुछ हो रहा है, जिससे टैक्सी चालकों का धंधा प्रभावित हो रहा है। एप पर चालक पूरा शेड्यूल और किराये का विवरण होता है।




