भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। हाल ही में विश्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करने वाली उत्तराखण्ड की प्रसिद्ध बुलंदी साहित्यिक संस्था ने उत्तराखण्ड काव्य महोत्सव का आयोजन किया। जिसका शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में मेयर रामपाल ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत ममता सिंह वेद ने सरस्वती वंदना के साथ की। वही अध्यक्ष और विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ सुभाष वर्मा एवं पंकज शर्मा व डॉ. राजविंद्र कौर ने मंच की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्र कवि बादल बाजपुरी द्वारा किया गया।
इस दौरान बादल बाजपुरी ने काव्य पाठ करते हुए कहा कि जो कविता पिता बेटी कभी संग सुन नही सकते वो तुलसी और मीरा की वसीयत हो नही सकती। डॉ. राजविंद्र कौर ने कहा कि वो इस कदर इस अदा से मुस्कुराए किसी की जान जाए तो जाये। मातृका बहुगुणा ने कहा कि शब्दो का जाल कितना अद्भुत कितना विशाल अनामिका चौकसे ने कहा कि उठा लो खड्ग भाला अब की पैनी धर हो जाओ। कार्यक्रम में ओररेया से राज शुक्ल गजल राज जी आये तो बिहार से प्रेम सागर पहुँचे। जलालाबाद से सत्यार्थ दीक्षित, अयोध्या से धर्मेंद्र कुमार यमराज, दिल्ली से मनीषा यादव व क्षमा पंडित एवं डॉ .मीणा परिहार बिहार से आई। वही डॉ रानी गुप्ता गुजरात से पहुंची थी। तीन चरणों में सम्पन्न हुए इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आये 100 से अध्कि साहित्यकारों ने काव्यपाठ किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ राजविंदर कौर व मातृका बहुगुणा ने किया।




