भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत नगर में हो रही विद्युत कटौती और अनियमित बिजली बिलों को लेकर प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने नवोदय विद्युत सब स्टेशन पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारी हाथों में विभाग विरोधी पोस्टर लिए थे और उन्होंने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही व्यवस्था दुरुस्त न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
दो दिन पूर्व की गयी प्रदर्शन की घोषणा के तहत प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा व निगम पार्षद मोहन खेड़ा के नेतृव में बिजलीघर पहुंचे व्यापारियों का कहना था कि नगर में चल रही अघोषित विद्युत् कटौती से व्यापारियों और आम जनमानस को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जुनेजा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगातार शहर में घंटो विद्युत कटौती हो रही है। जिससे ना केवल आम जनता प्रभावित हो रही है बल्कि व्यापारियों का व्यापार भी बुरी तरह से चौपट हो रहा है। आए दिन मेंटेनेंस के नाम पर विद्युत कटौती करना विभाग की हीलाहवाली दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल के नाम पर उपभोक्ताओं को भारी भरकम बिजली के बिल थमा दिए जाते हैं और फिर लगातार उनका उत्पीड़न किया जाता है। इसके अलावा पूर्व में एक महीने में जारी होने वाले कमर्शियल बिल अब 20 से 25 दिनों में जारी किये जा रहे हैं जिस कारण बिलों की संख्या बढ़ने से ब्यापारियों को कई करों का अधिक भुगतान करना पड़ता है। जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बिजली काट तक देने की धमकी देते हैं। जिससे आम जनता का जीवन बुरी तरह से प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में व्यापारी आर्थिक रूप से टूट चुके थे। अब रही-सही कसार त्यौहारी सीजन में बिजली कटौती ने पूरी कर दी है। पार्षद मोहन खेड़ा में कहा कि अंतिम बार हुए सीमांकन में भूरा रानी ग्रामीण क्षेत्र को नगर निगम के दायरे में लाया गया। लेकिन शहरी क्षेत्र में आने के बाद भी बिजली समस्या जस की तस बनी हुई है। बल्कि अब उनके वार्ड में पहले से भी ज्यादा कटौती हो रही है।
आक्रोशित लोगों ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर विद्युत विभाग ने कार्यशैली न सुधारी तो सड़कों पर इतरकर आन्दोलन किया जायेगा। विभागीय अधिकारियों ने समस्या के जल्द निराकरण का आश्वासन दिया। इस दौरान विजय फुटेला, राज्कुंर सीकरी,पंकज सुखीजा लड्डू, अनिल रावत, सागर छाबड़ा, पारस अरोरा, सोनू चावला, बलजीत सिंह, इन्द्रजीत सिंह, पवन गाबा पल्ली, मनीष गोस्वामी, मोनू ठाकुर, बलविंदर सिंह बल्लू, जेपी गौतम आदि अनेक व्यापारी साथ थे।




