भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। नानकमत्ता में बाबा तरसेम सिंह की हत्या कर फरार हुए दोनों शूटर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं। पुलिस शूटरों को पकड़ने के लिए विभिन्न राज्यों में दबिश दे रही हैं। जिले के विभिन्न हिस्सों के साथ ही रामपुर जिले के कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस दोनों शूटरों पर इनाम रखने के बाद अब उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है।
दरअसल, बाबा तरसेम सिंह की हत्या करने के बाद दोनों शूटर सर्वजीत सिंह और अमरजीत सिंह पीलीभीत से होकर भागे थे। पुलिस लगातार दोनों की तलाश में यूपी से पंजाब तक दबिश दे रही है। सर्वजीत के सोशल मीडिया एकाउंट से उनके ढाका पहुंचने की पोस्ट चर्चा में है। यह पोस्ट जानबूझकर पुलिस को गुमराह करने को की गई या फिर वे सही में ढाका पहुंच गए हैं यह जांच का विषय है। दोनों का इतनी जल्दी ढाका पहुंचना गले नहीं उतर रहा है।
सूत्रों के अनुसार पंजाब पुलिस की मदद से तरनतारन में सर्बजीत के में पुलिस जानकारी जुटा रही है। उसके परिजन और सहयोगियों से पूछताछ की जा रही है। जिले के विभिन्न जगहों के अलावा सीमा के यूपी क्षेत्र से कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से पूछताछ की गई है। पुलिस मानने के लिए तैयार नहीं है कि दोनों शूटर इतनी जल्दी ढाका पहुंच गए हैं। इसे शूटरों का पुलिस को गुमराह करने का हथकंडा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों शूटरों के पासपोर्ट नहीं बने है।
खटीमा नानकमत्ता में 28 मार्च की सुबह दो बाइक सवारों ने कार सेवा डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले पांच लोगों के विरुद्ध केस दर्ज करने के बाद मुख्य आरोपी तरनतारन पंजाब निवासी सर्वजीत सिंह और विलासपसुर निवासी अमरजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिशें दे रही है। नानकमत्ता में भी पुलिस सराय इंचार्ज, सेवादार व कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर चुकी है। लेकिन हत्यारोपियों के बारे में सटीक जानकारी नहीं मिली है।
आईबी सहित अन्य एजेंसियों
को दी अपराधियों की जानकारी अपराधी का सोशल मीडिया एकाउंट बाहर से ऑपरेट हो रहा है। अलग-अलग जगहों पर मौजूद अपराधियों के सहयोग एकाउंट संचालित कर रहे हैं। पुलिस सोशल मीडिया के बजाय टेक्निकल इनपुट, मैनुअल और दूसरे तरीकों से अपराधियों को ट्रैक करती है। अपराधियों पर इनाम रखा गया है और लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। नेपाल का
बॉर्डर सील है। एसएसबी, आईबी सहित एजेंसियों को अपराधियों के बारे में जानकारी दी गई है। मंजूनाथ टीसी, एसएसपी
बाबा तरसेम हत्याकांड में शामिल दोनों शूटरों के वारदात करने के तरीके से पुलिस के आला अफसर इसे कनाडा कांड से भी जुड़ा होने की आशंका से इन्कार नहीं कर रहे हैं। दरअसल कुछ इसी अंदाज में अक्तूबर 2022 में काशीपुर में महल हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। तब भी दो बाइक सवार शूटरों ने घर के बरामदे में अखबार पढ़ रहे महल सिंह को गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया था। पुलिस की जांच में सुपारी देकर हत्या कराने का मामला सामने आया था। स्टोन क्रशर में हिस्सेदारी को लेकर हुए विवाद में कनाडा के एक ट्रांसपोर्टर ने सुपारी देकर हत्या कराई थी। ऐसे में पुलिस भी मान रही है कि महल हत्याकांड की तर्ज पर हुई बाबा की हत्या के पीछे भी कहीं विदेश में रह रहे बाबा के
दुश्मन तो नहीं है। महल हत्याकांड में भी शूटरों को स्थानीय मदद मिली थी। उस समय खाने-पीने के इंतजाम से लेकर बाइक तक मुहैया स्थानीय स्तर पर ही कराई गई थी। ऐसे में पुलिस भी मान रही है कि बाबा की हत्या करने वाले शूटरों को स्थानीय मदद मिली है हालांकि अभी यह सब कहना जल्दबाजी ही होगा क्योंकि पुलिस की जांच अभी चल रही है।
स्थानीय मदद के बिना संभव नहीं वारदात महल हत्याकांड में भी शूटरों को स्थानीय मदद मिली थी। उस समय उनके खाने- पीने के इंतजाम से लेकर बाइक तक मुहैया स्थानीय स्तर पर ही कराई गई थी। ऐसे में पुलिस भी मान रही है कि बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड में शामिल शूटरों ने जिस योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया है उससे साबित है कि स्थानीय मददगार कहीं आसपास का ही व्यक्ति है। पुलिस इसके लिए डाटा फिल्टरेशन पर काम कर रही है।
बाबा तरसेन सिंह के हत्यारोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित एसएसपी डॉ. मंजूनाथ कर दिया गया है। टीसी का कहना है कि इसे जल्द ही बढ़ाया जा सकता है।




