Friday, September 4, 2026

बहुत दुःखद घटना- पंजाब के संगरूर में जहरीली शराब पीने से 50 से ज्यादा गरीबों की मौत हो गयी?

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भोंपूराम खबरी। नकली शराब फैक्‍ट्री लगाने की साजिश संगरूर जेल से रची गई। इंटरनेट मीडिया यूट्यूब पर वीडियो देखकर घर में ही सस्ती शराब बनाने की फैक्‍ट्री लगाई थी। यह आरोपितों की पहली डिलीवरी थी। शराब में मेथनॉल मिलाया था जिसके कारण शराब जहरीली हुई।

स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) के प्रमुख एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि मामले के तार नोएडा से लेकर लुधियाना तक जुड़े है। आरोपितों ने शराब बनाने के लिए कैमिकल नोएडा की एक कंपनी से खरीदा जबकि शराब की बोतले व ढक्कन बनाने का सामान लुधियाना से खरीदा गया। उन्होंने बताया कि सामान खरीदने की सभी ट्रांजेक्शन आनलाइन की गई है।

ढिल्लों ने बताया कि इस मामले में जिला संगरूर के तीन पुलिस थानों में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए है। दस आरोपितों में से आठ को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में मुख्य साजिशकर्ता गांव ताईपुर ( पटियाला) निवासी हरमनप्रीत सिंह, गांव उभावाल संगरूर निवासी गुरलाल सिंह सिंह है। म इस मामले में ज्यादातर आरोपित हिस्ट्रीशिटर है।

इस मामले में दोनों मुख्य आरोपितों का साथ शराब बेचने के लिए गांव गुज्जरां, दिढ़बा निवासी मनप्रीत मनी ने दिया। आरोपित जिस बोतल की कीमत 280 से 300 के बीच है उसे 100 से 130 रुपये में बेच रहे थे आरोपितों की ओर से 300 लीटर मेथलोन के साथ शराब बनाई गई। जिसमें से 200 लीटर रिकवर कर ली गई। जबकि 100 लीटर की बोतलें बना कर बेची। एडीजीपी ने बताया कि शराब के लिए हरियाणा राज्य की शराब शाही का मार्का प्रिंट कर बाेतलों पर इस्तेमाल किया गया।

गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान चीमा निवासी चुहावां सोमा कौर, राहुल उर्फ संजू और प्रदीप सिंह उर्फ बब्बी, गुरलाल सिंह निवासी गांव उभावाल संगरूर, हरमनप्रीत सिंह निवासी गांव ताईपुर ( पटियाला) , अरशदीप सिंह उर्फ अरश निवासी गांव रोगला और मनप्रीत सिंह उर्फ मनी और सुखविंदर सिंह उर्फ सुखी दोनों निवासी गांव गुज्जरां, दिढ़बा के तौर पर हुई है। सुखविंदर सिंह पर चार, मनप्रीत पर दो, गुरलाल पर पांच और हरमनप्रीत पर एक केस दर्ज है

मामले में एक्साइज इंस्पेक्टर सुनाम प्रकाश सिंह, मोहन सिंह दिड़बा और कश्मीरा सिंह पातर को सस्पेंड कर दिया गया है। एसएचओ थाना शुतराणा यशपाल शर्मा और गुरुमीत सिंह प्रभारी पुलिस चौकी थरुआ (पटियाला) को भी निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा एक एएसआई को भी निलंबित किया गया है।

डीजीपी ला एंड आर्डर गुरविंदर सिंह ने बताया कि मरने वालों में से 14 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है जबकि छह का अभी संस्कार बाकी है। एसआइटी प्रमुख ने बताया कि जो मामले दर्ज किए गए है उनमें नई धाराएं जोड़ी गई है।

इस मामले में तकनीकी तरीके से जांच करने के लिए शराब के सैंपल खरड़ स्थित फोंरेसिक लैंब भेजे गए है। मामले में एक्साइज विभाग के अधिकारियों की मदद ली जा रही है। ताकि तकनीकी तरीके से भी इस की जांच की जा सके।

 

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