भोंपूराम खबरी,रूद्रपुर। बंगाली समाज के विरुद्ध किसी भी तरह की बयानबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। यह समाज उत्तराखंड राज्य का मूल निवासी है। पत्रकारों से बातचीत करते बंगाली महासभा उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार साहा ने कहा कि गत दिनो गैरसैंण में आहूत विधानसभा सत्र के दौरान गढ़वाल मण्डल में विधायक गुन्ना सिंह चौहान द्वारा आरक्षण विषय पर चर्चा के दौरान उत्तराखण्ड राज्य के उधम सिंह नगर में निवासित बंगाली समाज के अस्तत्व पर टीका टिप्पणी करते हुए गलत बयानबाजी की है। जिससे बंगाली समाज आहत है।
उनके साथ मौजूद समस्त बंगाली समाज के वरिष्ठजनो ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि इस प्रकार की व्यानबाजी बंगाली समाज कतई बर्दाश्त नही करेगा। श्री साहा ने विधायक चौहान द्वारा दिए गये वक्तव्य को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बंगाली समाज उत्तराखण्ड में ना कोई किरायेदार है और ना ही कोई पर्यटक है, उत्तराखण्ड बंगाली समाज उत्तराखण्ड राज्य का मूल निवासी है। श्री साहा ने कहा कि भारत देश के बंटवारे के समय जनपद उधम सिंह नगर एवं देश के 22 राज्यो में अखण्ड भारत देश के ही पूर्वी बंगाल से विस्थापित होकर आये बंगाली समाज को तत्कालीन सरकारो ने भूमि भवन आबंटित कर बसाया है। बंगाली समाज उत्तराखण्ड राज्य का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि विधायक चौहान की अज्ञानता है, जिन्हे उधम सिंहनगर के बंगाली समाज की भौगोलिक, ऐतेहासिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि का कोई ज्ञान नहीं है। इसी बंगाली समाज ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण में भी अपना विशेष योगदान दिया है। इस उघम सिंह नगर को निर्वासित बंगाली समाज, पंजाबी समाज, सिख्ख समाज, पूर्वाचल समाज देशी समाज, थारू-बुक्सा समाज आदि सभी समाज ने अपने खून पसीने से सींचा है। इसलिए विधायक मुन्ना सिंह चौहान को अपने व्यक्तिगत बयानो में प्रयुक्त किए गये शब्दो को वापिस लेते हुए सार्वजनिक रूप से बंगाली समाज से माफी मांगनी चाहिए। श्री साहा ने कहा कि जहाँ तक बंगाली समाज को आरक्षण दिए जाने का विषय है जिस पर भारत सरकार के राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, नई दिल्ली ने विगत 14 फरवरी 2024 को उत्तराखण्ड राज्य एवं उत्तर प्रदेश के निवासिंत बंगाली समाज अनुसूचित जाति का पूर्ण दर्जा दिए जाने के आदेश पारित कर भारत सरकार को निर्देशित किया है। उसकी प्रक्रिया गतिमान है, शीघ्र अवश्य उचित निर्णय होगा। इस दौरान पूर्व दर्जा राज्य मंत्री विजय मंडल, प्रदेश मंत्री गोबिंद राय, शिव कुमार राय, संरक्षक हिमांशु सरकार, इकाई अध्यक्ष गणेश सरकार, विशाल शील, किशन विश्वास आदि मौजूद थे।




