भोंपूराम खबरी। उत्तरकाशी के सिलक्यारा में टनल टूटने से भीतर फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने में लगातार मुश्किलें सामने आ रही हैं। आज रेस्क्यू का 14वां दिन हैं। ड्रिलिंग मशीन रुकने के कारण अब शेष काम के लिए तमाम प्लान पर विचार किया जा रहा है।
बीते 12 नवंबर की सुबह ही सिलक्यारा में टनल टूटने से 41 श्रमिक भीतर फंस गए थे। आज रेस्क्यू का 14वां दिन है। तब से उन श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए देश और विदेश के विशेषज्ञों के अलावा आर्मी, एयरफोर्स, आईटीबीपी, एनडीआरएफ आदि एजेंसियां रेस्क्यू चला रही हैं। अमेरिका निर्मित एडवांस ऑगर मशीन से ड्रिलिंग शुरू की गई थी। इसी बीच शुक्रवार रात ऑगर मशीन फिर खराब हो गई थी। मशीन के रास्ते में सरिया आदि ठोस धातु ने बांधा पहुंचाई थी। इसी को देखते हुए अब रेस्क्यू एजेंसियां कई अन्य प्लान पर भी विचार कर रही हैं।
मैनुअल चलेगा अभियान
ऑगर मशीन के सामने लगातार बाधाएं आ रही हैं। शुक्रवार को करीब सवा मीटर ड्रिलिंग के बाद ही मशीन रुक गई थी। इसी को देखते हुए अब एजेंसियां शेष ड्रिलिंग का काम मैनुअली करने पर भी विचार कर रही हैं।
फंसे श्रमिकों से भी ले सकते हैं काम
मैनुअली कार्य करने में समय अधिक लगने की संभावना जताई जा रही है। लिहाजा भीतर फंसे श्रमिक भी अपनी साइड से काम करते हुए मलबा हटाकर रास्ता साफ करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इससे मैनुअली कार्य तेजी पकड़ सकता है।




