भोंपूराम खबरी। उत्तर प्रदेश के बरेली में बीते 1 साल के दौरान 10 महिलाओं की हत्या करने वाले सीरियल किलर का पुलिस को बीते कई महीने से तलाश थी।अकेले सुनसान इलाके में महिलाओं को दबोच लेता था, फिर उनकी साड़ी से ही उनका गला घोंटकर मौत के घाट उतार देता था। एक साल में एक या दो नहीं बल्कि पूरे दस महिलाओं का मर्डर कुछ इसी प्रकार हुआ है। सभी मर्डर 25 km एरिया में हुए थे। सबका पैटर्न भी एक जैसा था। खेत में लाश थी और शरीर से सभी गहने गायब थे। सुनने में किसी थ्रिलर मूवी की कहानी लगने वाली ये बात रील नहीं बल्कि रियल लाइफ की स्टोरी है।
बरेली में दस महिलाओं का वो सिरफिरा हत्यारा शुक्रवार यानी 9 अगस्त को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तारी के बाद उसने छह महिलाओं की हत्या करने की बात भी कबूल की है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। बता दें, पुलिस ने तीन दिन पहले ही उसका स्केच जारी कराया था। जिसके तहत उसकी पहचान हुई है।
सौतेली मां के वजह से बना सैतान
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी नवाबगंज थाना क्षेत्र का निवासी है, जिसका नाम कुलदीप है। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वो खेती-बाड़ी वाले परिवार से संबंध रखता है। उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है। बाल अवस्था में उसकी मां की भी मौत हो गई। पिता ने दूसरी शादी की थी। ऐसे में वह सौतेली मां के व्यवहार से बेहद दुखी था। सौतेली मां उसे खाना नहीं देती थी और उसका उत्पीड़न करती थी। बात-बात में झगड़ा कर उसका गला दबाने की कोशिश करती थी। इस वजह से उसे सनक सवार हो गई। महिलाओं को लेकर उसमें हिंसा और गुस्सा बढ़ता गया। जिसकी वजह से वह साइको किलर बन गया। अभी इस मामले में आगे की डिटेल को लेकर जानकारी की प्रतीक्षा है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश के बरेली में बीते 1 साल के दौरान 10 महिलाओं की हत्या करने वाले सीरियल किलर का पुलिस को बीते कई महीने से तलाश थी। इसके लिए पुलिस के तरफ से 3 आरोपियों का स्केच भी जारी किया गया था। जिसको लेकर पुलिस ने एक नंबर जारी करते हुए इनकी सूचना तुरंत देने की अपील की थी।
सभी हत्याओं का था एक ही पैटर्न
ये सभी मर्डर 25 km एरिया में हुए थे। सबका पैटर्न भी एक जैसा था। खेत में लाश थी और शरीर से सभी गहने गायब थे। इतना ही नहीं सभी पीड़ितों की आयु भी 45 से 55 साल के बीच की ही थी। सभी महिलाएं ग्रामीण इलाकों से संबंध रखती थीं। सभी अपने खेत या घर के पास किसी सुनसान इलाके में मृत पाई गईं। सबकी मौत गला घोंटकर हुई। यहां ध्यान देने वाली बात ये थी कि किसी के भी साथ यौन उत्पीड़न जैसी घटना की बात सामने नहीं आई। लेकिन शरीर पर से सभी गहने गायब थे। इतना ही नहीं सभी पीड़ितों की आयु भी 45 से 55 साल के बीच की ही थी। सभी महिलाएं ग्रामीण इलाकों से संबंध रखती थीं। सभी अपने खेत या घर के पास किसी सुनसान इलाके में मृत पाई गईं। सबकी मौत गला घोंटकर हुई। यहां ध्यान देने वाली बात ये थी कि किसी के भी साथ यौन उत्पीड़न जैसी घटना की बात सामने नहीं आई। लेकिन शरीर पर से सभी गहने गायब थें।
पिछले साल के 3 जुलाई से शुरू हुई थी हत्याएं
हत्याओं का यह सिलसिला पिछले साल के 3 जुलाई से शुरू हुआ, जब शाही शीशगढ़ इलाके के एक खेत में 45 वर्षीय महिला की लाश बरामद हुई। इसके बाद एक एक करके नवंबर तक इस तरह की घटनाओं में वृद्धि होने लगी। हालांकि, पुलिस ने इस बीच शक के आधार पर कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया लेकिन मर्डर का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा।




