Friday, September 4, 2026

पुलिस ने अंकित हत्याकांड में शामिल आरोपी नौकरानी और उसके पति को बंगाल से किया गिरफ्तार,

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भोंपूराम खबरी। नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर का बहुचर्चित मामला अंकित हत्याकांड जिसमे अंकित की प्रेमिका ने ही सांप से डसवाकर मौत के घाट उतारा था। बता दें की अंकित हत्याकांड के आखिरी दो हत्यारोपी ऊषा और रामऔतार को पुलिस ने मालदा पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें वहां ट्रांजिट रिमांड के लिए कोर्ट में पेश किया गया जहां से ट्रांजिट रिमांड मिल गई है। पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर उत्तराखंड के लिए रवाना हो गई है।

14 जुलाई की रात कोबरा से डसवाकर शहर के युवा कारोबारी अंकित चौहान की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले का खुलासा कर 18 जुलाई को सपेरे रमेश नाथ को पकड़ लिया था। इसके बाद 23 जुलाई को हत्याकांड की मास्टरमाइंड माही उर्फ डॉली को उसके प्रेमी दीप कांडपाल के साथ रुद्रपुर से गिरफ्तार किया। दोनों अपने वकील के साथ मिलकर हाईकोर्ट में सरेंडर होने की तैयारी कर रहे थे।

सोमवार को पुलिस ने आखिरी दोनों आरोपियों को भी 24 जुलाई को पश्चिम बंगाल के हरिपुर गोदी थाना रतऊ जिला मालदा से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से पुलिस को ट्रांजिट रिमांड मिल गई। एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर वहां से हल्द्वानी के लिए निकल गई है। पुलिस के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में ऊषा देवी का मायका है। बरेली से ट्रेन के जरिये नौकरानी ऊषा और उसका पति रामऔतार अपने दो बच्चों के साथ पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गए थे। एसओजी इंचार्ज राजवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने हत्याकांड से पहले ऊषा की कॉल डिटेल जांची थी। इसमें पश्चिम बंगाल के तीन नंबरों पर बात हुई थी। हत्याकांड के बाद से इनके नंबर बंद थे।

कहा कि पुलिस पूर्व में की कॉल के आधार पर पश्चिम बंगाल पहुंची। सबसे पहले नंदीग्राम जाकर उस घर पर छापा मारा जहां ऊषा की बात हुई थी। पता चला कि ऊषा की मां और भतीजी मालदा में रहती है। इसके बाद पुलिस की दो टीम बंट गई। इसमें एक टीम का नेतृत्व एसओजी इंचार्ज राजवीर सिंह ने किया और दूसरी टीम का नेतृत्व मगलपड़ाव चौकी इंचार्ज जगदीप नेगी ने किया। कहा कि टीम ने ऊषा की मां और भतीजी के घर पर एक साथ छापा मारा। भतीजी के वहां ऊषा और उसका पति पकड़ा गया।

एसओजी इंचार्ज राजवीर सिंह ने बताया कि नौकरानी और उसका पति बांग्लादेश भागने वाले थे। इसके लिए उन्होंने पूरी तैयारी कर ली थी। कहा कि इसके लिए एक दलाल से बात भी हो गई थी। कहा कि पुलिस 24 घंटे लेट हो जाती तो दोनों आरोपी बांग्लादेश भाग जाते। माही और दीप कांडपाल ने अंकित चौहान को मारने के एवज में नौकरानी और उसके पति को 20 हजार रुपये दिए थे। साथ ही भरोसा दिलाया था कि हत्या ऐसे कराई जाएगी कि पुलिस भी नहीं पकड़ पाएगी।

माही के काले कारनामों की सबसे बड़ी राजदार है ऊषा

माही के घर में ही ऊषा रहा करती थी। ऊषा के बच्चे दिनभर माही के घर में रहते और माही के साथ ही खेलते थे। माही को भी ऊषा के बच्चों से लगाव था और ऊषा के पति रामऔतार से भी। कई बार तो माही खाना खाने के लिए ऊषा की झोपड़ी में जाती थी। वह सभी मिलकर पार्टी भी मनाते थे। इसलिए ऊषा ही माही की सबसे बड़ी राजदार है।

पुलिस ने सोमवार को माही और दीप कांडपाल को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।

 

 

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