भोंपूराम खबरी। जम्मू और कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जाने-माने पत्रकार करण थापर को दिए एक इंटरव्यू में 2019 के पुलवामा हमले के लिए केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार बताते हुए कई सनसनीखेज़ दावे किए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया है कि 2019 में कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफ़िले पर हुआ हमला सिस्टम की ‘अक्षमता’ और ‘लापरवाही’ का नतीजा था। उन्होंने इसके लिए सीआरपीएफ और केंद्रीय गृह मंत्रालय को ख़ासतौर पर से ज़िम्मेदार बताया. उस समय राजनाथ सिंह गृह मंत्री थे। मलिक ने कहा कि सीआरपीएफ ने सरकार से अपने जवानों को ले जाने के लिए विमान उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन गृह मंत्रालय ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने सीआरपीएफ का काफ़िला जाते वक़्त रास्ते की उचित तरीक़े से सुरक्षा जांच न कराने का भी आरोप सरकार पर लगाया है। मलिक ने भ्रष्टाचार के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि पीएम को करप्शन से बहुत नफ़रत नहीं है।
न्यूज़ पोर्टल ‘द वायर’ को दिए इस इंटरव्यू में उन्होंने अनुच्छेद 370 की समाप्ति और बीजेपी नेता राम माधव से जुड़े विवादों पर भी बेबाक़ी से अपनी बात रखी है। सत्यपाल मलिक ने दावा किया कि पीएम मोदी ने इस हमले के बाद जिम कार्बेट पार्क से जब उन्हें कॉल किया, तो इन मसलों को उनके समक्ष उठाया. उनके अनुसार, इस पर पीएम मोदी ने उन्हें चुप रहने और किसी से कुछ न बोलने को कहा।
मलिक ने बताया कि यही बात एनएसए अजीत डोभाल ने भी उनसे कही। इस इंटरव्यू में मलिक ने बताया कि तभी उन्हें अनुभव हो गया कि सरकार का इरादा इस हमले का ठीकरा पाकिस्तान पर फोड़कर चुनावी लाभ लेना है.
मलिक ने इस हमले के लिए ख़ुफ़िया एजेंसियों की विफलता को भी ज़िम्मेदार क़रार दिया है. उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान से 300 किलोग्राम आरडीएक्स लेकर आया कोई ट्रक 10 से 15 दिनों तक जम्मू और कश्मीर में घूमता रहा, लेकिन इंटेलिजेंस को इसकी भनक तक न लगी.
सत्यपाल मलिक ने बीजेपी नेता राम माधव पर लगाया पुराना आरोप फिर दोहराया है.
उन्होंने कहा कि राम माधव एक दिन सुबह सात बजे आए और कहा कि एक पनबिजली परियोजना और रिलायंस की एक बीमा योजना को मंज़ूरी देने के बदले उन्हें 300 करोड़ रुपए मिल सकते हैं.मलिक ने दावा कि या है कि उन्होंने वो पेशकश ख़ारिज करते हुए कहा कि वे ग़लत काम नहीं करेंगे। उन्होंने पीएम मोदी पर जम्मू और कश्मीर के बारे में ‘अनजान’ रहने की बात करते हुए कहा है कि उनके पास राज्य के बारे में ग़लत सूचनाएं हैं. राज्य का ख़ास दर्जा ख़ारिज करने को उन्होंने एक ग़लती क़रार दिया है.
मलिक ने भ्रष्टाचार के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि पीएम को करप्शन से बहुत नफ़रत नहीं है। सत्यपाल मलिक के इन आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर विपक्षी दलों के साथ कई अन्य लोग भी सवाल खड़े करते हुए इस इंटरव्यू के क्लिप ट्वीट कर रहे हैं।
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