भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। पशुपालन विभाग के मिशन पांच लाख लिंग वर्गीकृत वीर्य से पशु कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम में ऊधमसिंह नगर जिला टॉप पर है। जिले में 61.72 फीसदी लक्ष्य पूरा कर लिया गया जबकि प्रदेश में यह लक्ष्य अभी 26.51 फीसदी ही पूरा हो सका है। इसमें टिहरी सबसे फिसड्डी रहा है। उत्तरकाशी भी अब तक दस फीसदी लक्ष्य ही पूरा नहीं कर पाया। नवंबर में प्रदेश में मादा पशुओं इंसेमिनेशन प्रोग्राम विद सेक्स सॉर्टेड सीमन कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। इनमें प्रदेश के 13 जिलों को प्रजनन के लिए उपयुक्त पांच लाख मादा पशुओं में लिंग वर्गीकृत वीर्य (सेक्स सॉर्टेड सीमन) से कृत्रिम गर्भाधान कराने का लक्ष्य रखा गया था।
31 मार्च तक सभी जिलों को शत प्रतिशत पूरा करना है। इस कार्यक्रम के तहत 90 फीसदी से अधिक मादा पशु ही पैदा होंगे। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी। वहीं, सड़कों पर लावारिस पशुओं की संख्या में भी कमी आएगी।
25 जनवरी तक ऊधमसिंह नगर जिले को छोड़ अन्य सभी 12 जिले 50 फीसदी भी लक्ष्य पूरा नहीं कर पाए हैं। सभी 13 जिलों में पांच लाख के लक्ष्य के सापेक्ष एक लाख 32 हजार 563 मादा पशुओं में ही कृत्रिम गर्भाधान हो सका है। इनमें ऊधमसिंह नगर 59218 के लक्ष्य के सापेक्ष 36555 मादा पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान करा चुका है। जो अन्य जिलों में सर्वाधिक है। देहरादून 43.81 फीसदी और हरिद्वार 35.02 फीसदी ही लक्ष्य तक पहुंच पाया है। इससे विभाग की यह योजना धीमी पड़ रही है।
31 मार्च तक 19218 मादा पशुओं में लिंग वर्गीकृत विग क्रतिम गर्भाधान का लक्ष्य दिया गया है। 25 जनवरी तक करीब 61.72 फीसदी लक्ष्य की पूर्ति कर ली गई है। नियमित रूप से अभियान चलाकर कृत्रिम गर्भाधान कराए जा रहे हैं। किसान अपने हिसाब से विदेशी व देशी नस्ल के मादा पशुओं के लिंग वर्गीकृत सीमन ले सकते हैं। -डॉ. एसबी पांडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी




