भोंपूराम खबरी,देहरादून। हाल ही में गैरसैंण में संपन्न विधानसभा सत्र के दौरान, उत्तराखंड में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव के संबंध में एकल सदस्यीय आयोग द्वारा किए गए ओबीसी सर्वेक्षण पर,सत्ता पक्ष के ही कुछ विधायकों द्वारा असहमति की मोहर लगाए जाने के बाद, निकाय चुनाव की राह में खड़ी हुई सबसे बड़ी बाधा, एकल सदस्यीय समर्पित आयोग ने पंद्रह निकायों में दोबारा ओबीसी सर्वेक्षण का काम पूरा करके अब दूर कर दी है।
याद दिलाना होगा कि नगर निकाय में ओबीसी आरक्षण बढ़ाए जाने को लेकर उत्तराखंड विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया गया संशोधन विधेयक, सत्ता पक्ष के ही कुछ विधायकों के विरोध के बाद प्रवर समिति को सौंप दिया गया था। इसके बाद यह माना जाने लगा था कि सूबे के निकाय चुनाव की घड़ी आने में अभी लंबा वक्त लगेगा ,लेकिन नैनीताल उच्च न्यायालय में लंबित एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार द्वारा शपथ पत्र प्रस्तुत कर ,आगामी दिसंबर माह की समाप्ति के पूर्व प्रदेश में नगर निकाय चुनाव कराए जाने की संपूर्ण रूपरेखा प्रस्तुत कर दिए जाने के बाद, सभी की निगाहें विधानसभा अध्यक्ष रितु भूषण खंडूरी द्वारा बनाई गई प्रवर समिति एवं एकल सदस्यीय समर्पित आयोग पर लगी गई थी।
अब खबर है कि उत्तराखंड के निकाय चुनाव के लिए एकल सदस्यीय समर्पित आयोग ने पंद्रह निकायों में ओबीसी सर्वेक्षण की अनुपूरक रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। माना जा रहा है कि आयोग एक-दो दिन में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगा और इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार द्वारा आगामी निकाय चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की रिपोर्ट आने के बाद से उत्तराखंड सरकार ने 18 निकायों में परिसीमन संबंधी अथवा अन्य बदलाव किए हैं ।जिसके तहत तीन निकायों को अपग्रेड किया गया है लिहाजा उक्त निकायों में ओबीसी सर्वेक्षण दोबारा कराने की जरूरत नहीं पड़ी ।चार निकायों का सर्वेक्षण आयोग पहले ही कर चुका था।
बाकी 11 निकायों का सर्वेक्षण का काम भीअब पूरा कर लिया गया है । हासिल जानकारी के मुताबिक राजधानी देहरादून में नगर निगम का सर्वे सबसे बाद में किया गया है क्योंकि आयोग को सर्व को लेकर सबसे अधिक आपत्तियां यही से प्राप्त हुई थी। आयोग ने सभी आपत्तियों व सुझावों की सुनवाई करने के बाद इन निकायों की अनुपूरक रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। समझा जाता है कि एक-दो दिन के भीतर यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की टेबल तक पहुंच जाएगी,मगर सीएम को निकाय चुनाव के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए प्रवर समिति की रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ेगा ,क्योंकि प्रवर समिति की बैठक चार अक्तूबर को होनी है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने हाईकोर्ट में निकाय चुनाव 25 दिसंबर से पहले कराने का आश्वासन दिया था। इसी क्रम में 10 नवंबर को राज्य निर्वाचन आयोग निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा। इसलिए सरकार निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले आरक्षण संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करने के हर संभव प्रयास कर रही है ताकि एससी एसटी एवं ओबीसी वोटरों को भाजपा के साथ बांधे रखा जा सके।




