Friday, September 4, 2026

पंतनगर किसान मेला की तैयारीयां हुई पूरी

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भोंपूराम खबरी,पंतनगर।  पंतनगर विश्वविद्यालय के द्वारा आयोजित हर वर्ष होने वाले किसान मेले की तैयारियां अंतिम चरण में है 115वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्षनी के निदेशक प्रसार शिक्षा, डा. जितेन्द्र क्वात्रा ने बताया कि कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान के नेतृत्व में 115वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का आयोजन 9 से 12 मार्च 2024 तक किया जा रहा है। इस बार किसान मेले में लगभग 10000 से अधिक किसानों की आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस बार मेले में लगभग 400 से अधिक स्टाल लगाये गये है, जिसमें 150 बडे़ एवं 250 छोटे स्टाल है।

कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए कहा कि पिछले अक्टूबर 2023 में 114वें किसान मेले में लगभग 25000 से अधिक कृषकों ने भ्रमण किया तथा जानकारी प्राप्त की। पूर्व मेले में लगभग 460 से अधिक स्टाल लगाए गये थे। उन्होंने बताया कि 115वां अखिल भारतीय किसान मेले कृषि एवं उद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन 10 मार्च 2024 को मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री भगत सिंह कोश्यारी एवं अतिविशिष्ट अतिथि भारत सरकार के राज्य रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री मान श्री अजय भट्ट द्वारा विधिवत किया जाएगा तथा 9 मार्च 2024 को महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु एक गोष्ठी का आयोजन किया जायेगा, जिसमें मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डा. ओ.पी.एस. नेगी एवं विषिष्ट अतिथि किसान आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजपाल सिंह होंगे। इस गोष्ठी में कृषक महिलाओं को सषक्त बनाने हेतु व्याख्यानों का आयोजन किया जाएगा। उन्होने बताया कि व्याख्यानों के माध्यम से कृषक महिलाओं को सषक्त बनाने हेतु जानकारी दी जायेगी, जिससे वे अपने रोजगार में आय के साधन को और मजबूत कर सकेेंगी। उन्होंने बताया कि किसानों हेतु खरीफ की फसलों के नवीनतम प्रजातियों के बीज व मिनीकिट एवं शाक-भाजी, फलों, वानिकी, सगन्धीय एवं फूलों के उन्नत बीजों व पौधों की बिक्री, किसानोपयोगी उन्नत तकनीकों की प्रदर्षनी, कृषि उद्योग प्रदर्शनी का अवलोकन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र से जुड़े स्वयं सहायता समूहों द्वारा मेले में स्टाल लगाये जायेंगे। कुलपति ने बताया कि जनवरी 1, 2024 से विष्वविद्यालय में पत्रावलियों का निस्तारण ई-फाईलिंग द्वारा किया जा रहा, जिससे धन एवं समय की बचत हो रही है और कार्य निस्तारण में पारदर्शिता बनी हुई है तथा इसके दुरगामी परिणाम होंगे। उन्होंने बताया कि राज्य कृषि विष्वविद्यालयों में देष के 67 राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में पन्तनगर विश्वविद्यालय सर्वोत्तम है जिस कारण कुलपति के नेतृत्व में किये गये शोध एवं शैक्षणिक उपलब्धियों हेतु एग्रीकल्चर टूडे गु्रप द्वारा विश्वविद्यालय को एकेडमिक लीडरषिप-2023 से सम्मानित किया गया है। उन्होंने जय जवान, जय किसान, जय अनुसंधान एवं जय विज्ञान के चार नारों में से विश्वविद्यालय जय किसान, जय अनुसंधान एवं जय विज्ञान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है और विश्वविद्यालय को और शीर्ष तक बनाये रखने के लिए हम सब को मिल कर कार्य करते रहेंगे।

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