भोंपूराम खबरी,पंतनगर। पंतनगर इंटर कॉलेज सिस्टम की उपेक्षा का दंश झेल रहा है। विद्यालय का जर्जर भवन और शौचालयों से उठती दुर्गंध में जहां इंसान खड़ा नहीं हो सकता, वहां छात्र पढ़ने को मजबूर हैं। एक साल पूर्व बीईओ भी टीम के साथ विद्यालय का निरीक्षण कर इसे असुरक्षित बता चुक हैं।
विद्यालय की स्थापना वर्ष 1963 में हुई थी। भवन में 34 कक्षाएं, चार प्रयोगशालाएं, चार शौचालय, एक स्टाफ रूम, एक स्पोर्ट रूम और प्रशासनिक भवन मौजूद है। रखरखाव के अभाव में विद्यालय भवन जर्जर हो चुका है।
विद्यालय की छतों और दीवारों से जगह-जगह प्लास्टर गिर चुका है। शौचालय और कक्षों से खिड़कियां दरवाजे नदारद हैं। लंबे समय से नालियां भी चोक हैं। वर्षों से सफाई के अभाव में टूटे-फूटे शौचालयों से उठती दुर्गंध के बीच 615 छात्र फर्नीचर के अभाव में दरी पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करने के लिए मजबूर हैं।
समाजसेवी संस्थाएं गाहे बगाहे विद्यालय का रंग रोगन, फर्नीचर व दरी आदि मुहैया करवाते रहते हैं जर्मनी के हॅकल ग्रुप ने हाल ही में पांच कक्षों की मरम्मत का बीड़ा उठाने के साथ ही प्रयोगशाला व शौचालय की मरम्मत का भरोसा दिलाया है। पंतनगर विद्यालय में 11 प्रवक्ता, 29 सहायक प्राध्यापक चार कर्मचारी व 13 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के पद सृजित हैं। वर्तमान में सात प्रवक्ता, आठ सहायक प्राध्यापक, चार कर्मचारी और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मी ही कार्यरत हैं।
बेहड़ की पहल में आड़े आई नीतियां
पंतनगर । लगभग एक वर्ष पूर्व क्षेत्रीय विधायक तिलकराज बेहड़ की पहल पर बीईओ के नेतृत्व में पहुंची टीम ने निरीक्षण में विद्यालय भवन को असुरक्षित करार दिया था। जिला प्रशासन ने भवन ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए थे। एक वर्ष बीतने के बाद भी पुराना भवन ध्वस्त कर नया बनाने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस पर विधायक बेहड़ ने बीती 29 फरवरी को इस मामले को सदन में भी उठाया लेकिन विद्यालय का प्रबंधन विवि के अधीन होने के कारण धनराशि आवंटन में नीतियां आड़े आ रही हैं
विद्यालय भवन की हालत जर्जर हो चुकी है। करीब एक वर्ष पूर्व बीईओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने भवन का निरीक्षण कर इसे असुरक्षित करार दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से इस भवन को ध्वस्त करने के आदेश देने की जानकारी है। मेरी ओर से मंडी समिति से आगणन बनवाकर शासन को प्रेषित कर दिया गया है। नंदकिशोर आर्य, प्रधानाचार्य – पंतनगर इंटर कॉलेज
पंतनगर इंटर कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति राजकीय नियमों के तहत की जाती है। इसका प्रबंधन पंतनगर विवि के अधीन है। विवि प्रबंधन को इंटर कॉलेज को राजकीय विद्यालय की श्रेणी में लाने के लिए तय फॉर्मेट में जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा कर अपने कार्यालय में आवेदन के लिए कहा है। उनके आवेदन के बाद ही शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। केएस रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी




