Friday, September 4, 2026

समलैंगिक शादी को मान्यता देने वाला दक्षिणी एशिया का पहला देश बना नेपाल, रजिस्टर हुआ विवाह

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भोंपूराम खबरी। दक्षिण एशिया का एक पहला देश बना नेपाल जिसने समलैंगिक शादी को मान्यता दी, आपको बता दें की बुधवार को औपचारिक तौर पर पहला समलैंगिक विवाह रजिस्टर किया गया।

नेपाल के उच्चतम न्यायालय की ओर से समलैंगिक विवाह को वैध घोषित किए जाने के पांच महीने बाद बुधवार को औपचारिक तौर पर पहला समलैंगिक विवाह रजिस्टर किया गया, समलैंगिक विवाह को वैध घोषित करते ही नेपाल ऐसा करने वाला पहला दक्षिण एशियाई देश बन गया है।

नेपाल में यौन अल्पसंख्यकों के अधिकारों और कल्याण के लिए काम करने वाले संगठन ‘ब्लू डायमंड सोसाइटी’ के अध्यक्ष संजीब गुरुंग (पिंकी) के मुताबिक, 35 वर्षीय ट्रांस-महिला माया गुरुंग और 27 वर्षीय समलैंगिक सुरेंद्र पांडे ने कानूनी रूप से शादी कर ली और उनकी शादी पश्चिमी नेपाल के लामजंग जिले के डोरडी ग्रामीण नगर पालिका में रजिस्टर की गई है।

नेपाल के उच्चतम न्यायालय ने 2007 में ही समलैंगिक विवाह की इजाजत दे दी थी. साल 2015 में भी अपनाए गए नेपाल के संविधान में भी साफ-साफ कहा गया कि यौन रुझान के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है।

कानून के अभाव में आ रही थी परेशानियां

उच्चतम न्यायालय ने 27 जून 2023 को गुरुंग सहित कई लोगों की ओर से दायर एक रिट याचिका पर समलैंगिक विवाह को वैध करार देते हुए एक अंतरिम आदेश जारी किया. लेकिन समलैंगिक विवाह को अस्थायी तौर पर रजिस्टर करने के ऐतिहासिक आदेश के बावजूद काठमांडू जिला न्यायालय ने चार महीने पहले जरूरी कानून नहीं होने का हवाला देते हुए इस फैसले को खारिज कर दिया था.तब सुरेंद्र पांडे और माया की शादी की अर्जी खारिज कर दी गई थी।

समाचार एजेंसी से बात करते हुए पिंकी ने कहा, “इसके बारे में जानकर बहुत खुशी हुई, यह नेपाल के थर्ड जेंडर समुदाय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. यह न केवल नेपाल में बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में पहला मामला है और हम इस फैसले का स्वागत करते हैं.”

6 साल से रह रहे एक साथ

माया लामजंग जिले की रहने वाली हैं और सुरेंद्र नवलपरासी जिले के निवासी हैं. वे दोनों पिछले 6 साल से एक दूसरे के साथ रह रहे हैं. उन्होंने अपने परिवार की सहमति से पारंपरिक तरीके से शादी कर ली है।

पिंकी ने कहा, “ऐसे कई थर्ड जेंडर जोड़े हैं जो अपनी पहचान और अधिकारों के बिना रह रहे हैं और इससे उन्हें बहुत मदद मिलेगी.” उन्होंने कहा कि अब इस समुदाय के बाकी लोगों के लिए अपनी शादी को वैध बनाने का दरवाजा खुल गया है. पिंकी ने कहा,”अभी उनकी शादी को अस्थायी तौर पर रजिस्टर किया गया है और इसपर कानून बनने के बाद इसे खुद-ब-खुद ही स्थायी मान्यता मिल जाएगी.”

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