भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। नर्स से दरिंदगी मामले की विस्तृत जांच को गठित एसआईटी अब जेल में बंद अभियुक्त को पीसीआर (पुलिस कस्टडी रिमांड ) पर लेने की तैयारी कर रही है। ताकि नर्स से लूटा गया मोबाइल और अन्य सामान की बरामदगी की जा सके। इधर, एसआईटी ने दूसरे दिन भी निजी अस्पताल पहुंचकर स्टाफ से पूछताछ कर मृतका के संबंध में जानकारियां जुटाई। एसआईटी की दो टीमें बरेली और बदायूं गई हैं।
नर्स से दरिंदगी के मामले का खुलासा करने वाली पुलिस पर परिजनों ने तमाम सवाल खड़े किए थे। परिजनों ने खुलासे को झूठा बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। इसको लेकर कई जगह धरना प्रदर्शन भी हो चुका है। इधर खुलासे पर उठते सवालों के बीच एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने 20 सदस्यीय एसआईटी का
गठन किया था। एसआईटी घटना से जुड़े साक्ष्य संकलन जुटाने की कार्रवाई कर रही है। एसआईटी घटनास्थल को मेटल डिटेक्टर की मदद से स्कैन कर चुकी है। बुधवार को मृतका के कार्यस्थल फुटेला अस्पताल में भी जाकर एसआईटी ने स्टाफ से पूछताछ की थी और बृहस्पतिवार को भी एसआईटी ने बचे हुए कर्मियों से मृतका के बारे में जानकारी हासिल की है।
एसआईटी प्रभारी एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। दूसरे दिन भी अस्पताल के कर्मियों से पूछताछ की गई है। अब तक 20 से अधिक कर्मियों की पूछताछ हो चुकी है। अभियुक्त को रिमांड पर लेने के लिए अदालत में आवेदन करने की तैयारी की जा रही है। दो टीमों को साक्ष्य के लिए बदायूं और बरेली भेजा गया है।
रुद्रपुर। आईएमए रुद्रपुर की बैठक एक होटल में हुई। इसमें सभी पदाधिकारियों ने कहा कि मृतका फुटेला अस्पताल की ओपीडी की स्टाफ थी। उसकी दुखद मृत्यु के बाद तुष्टिकरण की राजनीति की जा रही है। अस्पताल को बिना वजह बदनाम किया जा रहा है और घटना के बाद अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किए गए थे। वहां पर संरक्षक डॉ. आरएस गिल, डॉ सुभाष निगम, अध्यक्ष डॉ. रवि प्रकाश फुटेला, सचिव डॉ नूतन दत्ता जैन, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. एचसी भट्ट, डॉ. एके राणा, डॉ. सुभाष यादव, डॉ. प्रदीप अदलखा आदि मौजूद रहे।




