भोंपूराम खबरी। उत्तराखंड में अगले वित्तीय वर्ष में 27 लाख बिजली उपभोक्ताओं को जोर का झटका लगने वाला है। इसके लिए यूपीसीएल बोर्ड ने बिजली की दरों में भारी-भरकम बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।
यूपीसीएल मुख्यालय में शनिवार को यूपीसीएल की बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अप्रैल से बिजली दरों को बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी। बैठक के बाद यूपीसीएल के एमडी अनिल यादव ने बिजली दरों को 23 से 27 फीसद तक बढ़ाने को मंजूरी दिए जाने की पुष्टि की है। बिजली दरें बढ़ने का सीधा असर राज्य के 27 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। खासतौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को इससे काफी परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं।
पिछले साल 2.68 फीसद बढ़ी थी दरें
उत्तराखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार चल रहा है। इस साल बिजली दरों में करीब 9.64 जबकि पिछले साल 2.68 फीसद बढ़ोतरी की गई थी।
चुनाव के बीच राहत की उम्मीद
अप्रैल में बिजली की नई दरें लागू करना यूपीसीएल के लिए बड़ी चुनौती होगा। दरअसल, देश में अगले साल लोस चुनाव होने हैं। चुनाव मई तक चलेंगे। ऐसे हालात में नए वित्तीय वर्ष से बढ़ी हुई दरें लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
अब आयोग करेगा सुनवाई
बिजली की दरें बढ़ाने के प्रस्ताव पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है। हालांकि बढ़ी हुई दरों पर विद्युत नियामक आयोग की सुनवाई शेष है। उसके बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अब लोगों की निगाहें आयोग के फैसले पर टिकी हुई हैं।




