Friday, September 4, 2026

देहरादून लाठीचार्ज मामले में इंस्पेक्टर ,चौकी प्रभारी समेत कई पर गिरी गाज

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भोंपूराम खबरी। देहरादून राजधानी देहरादून में बेरोजगार संघ के आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज मामले में गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है जांच रिपोर्ट में पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग को जायज पाया गया है यह बल प्रयोग कानून व्यवस्था के मद्देनजर जरूरी पाया गया है।

जबकि कमिश्नर की रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली नगर के एसएसआई कोतवाली धारा चौकी प्रभारी और एलआईयू प्रभारी को हटाने की सिफारिश की गई है। अपर मुख्य सचिव गृह राधा रतूड़ी ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर इन्हे अन्यत्र ट्रांसफर करने को कहा है साथ ही मामले की जांच अलग से किसी वरिष्ठ आईपीएस अफसर से कराने की सिफारिश की गई है।

बीते 8 व 9 फरवरी को बेरोजगारों पर हुए लाठीचार्ज की जांच रिपोर्ट सामने आ गयी है। गढ़वाल आयुक्त की जांच रिपोर्ट के आधार पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने डीजीपी को निर्देश जारी करते हुए एस०एस०आई. कोतवाली प्रभारी, चौकी प्रभारी, धारा चौकी, निरीक्षक, एल0आई0यू0, देहरादून को अन्यन्त्र स्थानान्तरित करने के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है। साथ ही इस प्रकरण की पुनः विस्तृत / तथ्यात्मक जांच पुलिस के किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराये जाने का निर्णय लिया गया है।

पत्र में लिखा है देहरादून में 8 फरवरी की रात को गांधी पार्क, देहरादून में उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ के सदस्यों / छात्रों को धरने से हटाये जाने के सम्बन्ध में पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही एवं 9 फरवरी को घंटाघर क्षेत्र, देहरादून के आस-पास उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ के सदस्यों / छात्रों द्वारा किये जा रहे प्रदर्शन के बीच असामाजिक तत्वों द्वारा प्रदर्शन के दौरान की गई तोड़-फोड़ / पथराव एवं प्रदर्शन के दौरान पुलिस / प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही की घटना की जांच।

उपर्युक्त विषयक के सन्दर्भ में अवगत कराना है कि दिनांक 08.02.2023 की रात्रि को गांधी पार्क एवं दिनांक 09.02.2023 को घण्टाघर क्षेत्र के आस पास उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ के सदस्यों / छात्रों द्वारा किये गये प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा की गयी तोड़-फोड़ एवं पथराव के दौरान पुलिस / प्रशासन द्वारा की गयी कार्यवाही की जांच आयुक्त गढ़वाल मण्डल से करायी गयी, जिसके द्वारा जांच अधिकारी / आयुक्त, गढ़वाल मण्डल द्वारा अपनी जांच आख्या शासन में दिनांक 09.03.2023 को प्रेषित की गयी। जांच अधिकारी द्वारा अपनी जांच में पुलिस / प्रशासन द्वारा प्रदर्शन के दौरान किये गये हल्के बल प्रयोग को कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु उचित ठहराया गया है। इस सम्बन्ध में यह उल्लेख करना समीचीन होगा कि मा० उच्च न्यायालय,नैनीताल द्वारा भी दिनांक 09.02.2023 की घटना के सम्बन्ध में योजित रिट पिटीशन संख्या- 14/2023, दिनांक 17.02.2023 में यह तल्ख टिप्पणी की गयी है कि हिंसा फैलाने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध उचित एवं कठोर कार्यवाही किया जाना सुनिश्चितकिया जाय।

अतः इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है कि प्रश्नगत प्रकरण की पुनः विस्तृत / तथ्यात्मक जांच पुलिस के किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराये जाने का निर्णय लिया गया है तथा जांच अधिकारी / आयुक्त, गढ़वाल मण्डल की जांच आख्या को दृष्टिगत रखते हुए प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले एस०एस०आई. कोतवाली प्रभारी, चौकी प्रभारी, धारा चौकी, निरीक्षक, एल0आई0यू0 देहरादून को अन्यन्त्र स्थानान्तरित करने के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चत करें। गौरतलब है कि उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ के सदस्यों / छात्रों को धरने से हटाये जाने के सम्बन्ध में पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही एवं दिनांक 09.02.2023 को घंटाघर क्षेत्र, देहरादून के आस-पास उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ के सदस्यों / छात्रों द्वारा किये जा रहे प्रदर्शन के बीच असामाजिक तत्वों द्वारा प्रदर्शन के दौरान की गई तोड़-फोड़ / पथराव एवं प्रदर्शन के दौरान पुलिस / प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही की घटना की जांच आयुक्त को सौंपी गई थी।

लाठीचार्ज के मामले में बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार ज़मेट 13 लोगों को जेल हुई थी। जो बाद में सशर्त जमानत पर छूटे थे।

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