Friday, September 4, 2026

देहरादून पंतनगर हवाई उड़ान योजना का राज्य में नहीं हुआ रिनुअल । केन्द्रीय रक्षाराज्यमंत्री भट्ट केन्द्र के सहयोग से शुरू करायेगें उड़ान

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भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। केंद्रीयरक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री  अजय भट्ट के बयान राज्य सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने जारी बयान में कहा की उड़ान योजना के अंतर्गत देहरादून- पंतनगर- देहरादून के लिए चलने वाली हवाई सेवाओं की 3 वर्ष की अवधि पूरी होने पर रिनुअल ना होने की स्थिति पर राज्य के अंदर हवाई सेवा को केंद्रीय पर्यटन विभाग के अंतर्गत चलाए जाने का आश्वासन दिया है।  भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में 2019 में शुरू हुई उड़ान योजना के अंतर्गत रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत देहरादून- पंतनगर – देहरादून हवाई मार्ग पर उड़ान सेवा शुरू की गई थी। वर्तमान में योजना के 3 साल के समय पूर्ण हो जाने के पश्चात उनके द्वारा नगर विमानन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर पुरानी योजना को पुनः शुरू करने का अनुरोध किया था।  भट्ट ने बताया कि नगर विमानन मंत्री द्वारा प्राप्त हुए पत्र के अनुसार योजना के प्रावधानों के अनुसार रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम उड़ानों के लिए हवाई सेवा शुरू होने की तिथि से 3 वर्ष की अवधि के लिए ही प्रदान की जाती है। वर्तमान परिस्थिति में उक्त मार्ग को विशेष दर्जा नहीं दिया गया है, इसलिए अब अपनी वाणिज्यक व्यवहार्ता के अनुसार, कोई भी एयरलाइन वहां से उड़ान प्रचलित कर सकती है।

भट्ट ने बताया कि उत्तराखंड राज्य के अंदर पर्यटन के दृष्टिगत हवाई सेवाओं का विस्तार होना आवश्यक है। लिहाजा वह पर्यटन विभाग के माध्यम से हवाई सेवा शुरू करने का प्रयास करेंगे। श्री भट्ट ने कहा कि गढ़वाल मंडल में जहां देहरादून में राजधानी तथा चार धाम के अलवा, हरिद्वार ऋषिकेश, मसूरी, हनोल, चोपता, ओली जैसे दर्जनों पर्यटक स्थल है तो वहीं कुमाऊं मंडल में नैनीताल में पर्यटन स्थल होने के साथ-साथ हाई कोर्ट स्थापित है, इसके अलावा रानीखेत, कौसानी और जागेश्वर सहित आदि कैलाश और पिथौरागढ़, मुंसियारी सहित दर्जनो रमणीय स्थल है जहां बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। लिहाजा पर्यटकों की सुविधाओं के लिए स्थानीय स्तर पर हवाई सेवा होना आवश्यक है।  भट्ट ने कहा कि जल्द वह केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के माध्यम से देहरादून पंतनगर देहरादून हवाई उड़ान शुरू करने का प्रयास करेंगे। गौरतलब है कि रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत 3 वर्ष की अवधि तक ही हवाई सेवाएं देने का प्रावधान है।

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