भोंपूराम खबरी। चक्रवात रेमल को लेकर तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज रात रेमल के पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के खेपुपारा के बीच पहुंचने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर रेमल गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है और खेपुपारा से लगभग 290 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और सागर द्वीप से 270 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित है।
एनडीआरएफ की 14 टीमों को किया गया तैनात
एनडीआरएफ के पूर्वी क्षेत्र के कमांडर गुरमिंदर सिंह ने बताया कि “संभावना है कि चक्रवात रेमल आज आधी रात को लैंडफॉल करेगा। आईएमडी की भविष्यवाणी के अनुसार लैंडफॉल के समय स्थायी हवा की गति 120-130 किमी/घंटा होगी।” उन्होंने बताया कि अभी तक एनडीआरएफ की 14 टीमों को दक्षिण बंगाल में तैनात किया गया है। हम मध्यम, भारी और यहां तक कि गंभीर बारिश की उम्मीद कर सकते हैं। यह सुपर चक्रवात अम्फान जितना गंभीर नहीं होगा। हम चाहते हैं कि कमजोर आबादी चक्रवाती आश्रयों में स्थानांतरित हो जाए। फिलहाल समुद्र में कोई मछुआरा नहीं है।”
ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त सत्यब्रत साहू रेमल तूफान को लेकर कहा कि “पिछले 4-5 दिनों से हम बंगाल की खाड़ी के ग्रीष्मकालीन चक्रवात रेमल की निगरानी कर रहे हैं। हमारे पास आईएमडी से जो जानकारी मिली उसके अनुसार आज आधी रात तक ये तट से टकराएगा। ओडिशा के तटीय जिलों में सुबह से ही बारिश शुरू हो गई है और यह और तेज होगी। करीब 20,000 मछुआरों की नावें किनारे पर आ गई हैं। ओडिशा में आतंकित होने की कोई बात नहीं है, बारिश तो होगी लेकिन हम नुकसान को कम करने की कोशिश करेंगे। नुकसान के बारे में कलेक्टर कह रहे हैं कि वे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
तत्काल सहायता के लिए कई टीमें तैनात
भारतीय नौसेना ने त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए उपकरणों के साथ विशेष गोताखोरी टीमों को कोलकाता में तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, आवश्यक उपकरणों के साथ गोताखोरी टीमें विशाखापत्तनम में स्टैंडबाय पर हैं, जो जरूरत पड़ने पर त्वरित तैनाती के लिए तैयार हैं। एचएडीआर और चिकित्सा आपूर्ति के साथ दो बाढ़ राहत टीमें (एफआरटी) कोलकाता में तैनात की जा रही हैं। इसके अलावा, विशाखापत्तनम और चिल्का से दो-दो एफआरटी तैयार हैं और अल्प सूचना पर तैनाती के लिए तैयार हैं। भारतीय नौसेना सतर्क है और चक्रवात रेमल के मद्देनजर तत्काल और प्रभावी सहायता प्रदान करने के लिए उभरती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है।
भारतीय नौसेना ने चक्रवात रेमल के बाद आपदा राहत प्रतिक्रिया शुरू करने के लिए मौजूदा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन करते हुए प्रारंभिक कार्रवाई शुरू कर दी है। चक्रवात के 26/27 मई 2024 की मध्यरात्रि को तट पार करने की आशंका है। नौसेना मुख्यालय में स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। साथ ही पूर्वी नौसेना कमान मुख्यालय द्वारा व्यापक तैयारी कार्रवाई की जा रही है। भारतीय नौसेना ने प्रभावित आबादी की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए तत्काल तैनाती के लिए एचएडीआर और चिकित्सा आपूर्ति से लैस दो जहाजों को तैयार किया है। इसके अतिरिक्त सी किंग और चेतक हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ डोर्नियर विमानों सहित भारतीय नौसेना की विमानन संपत्तियां त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार हैं।




