भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। किसान अब मशरूम उत्पादन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपना सकते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं। इस दिशा में, उद्यान विभाग ने जिले में 143 किसानों को लगभग 300 मीट्रिक टन मशरूम स्पान (बीज) वितरण का लक्ष्य रखा है। किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी, और अपनी लागत का 20 प्रतिशत स्वयं वहन करेंगे। पहले ही जिले में 200 टन स्थान वितरित किया जा चुका है।
इस योजना में विशेष प्राथमिकता स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को दी जाएगी, लेकिन अन्य किसान भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। मशरूम का • उत्पादन दो महीने में शुरू हो जाता है, और किसान तीन से चार बार मशरूम की फसल की तुड़ाई कर सकते हैं। इसके लिए किसान अपने घरों या फार्म हाउस के कमरे या घास के छप्परों में रैंक बनाकर बैग रखकर मशरूम का उत्पादन कर सकते हैं। इस प्रकार, इस परियोजना से किसानों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और वे कृषि के साथ अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे उन्हें अतिरिक्त रोजगार और आय के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, किसानों को 80 प्रतिशत की सब्सिडी भी दी जाएगी, जो इस पहल को और अधिक आकर्षक बनाती है। इस प्रकार, यह योजना किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है
किसान मशरूम उत्पादन से 60 दिन में तैयार SG को एक लाभकारीहो जाती है पहली फसल रोजगार और आय के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, किसानों को 80 प्रतिशत की सब्सिडी भी दी जाएगी, जो इस पहल को और अधिक आकर्षक बनाती है। इस प्रकार, यह योजना किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है।
व्यवसाय के रूप में अपनाकर कृषि के साथ अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। जिले में 143 किसानों को मशरूम स्थान (बीज) | उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, और कुल 300 मीट्रिक टन मशरूम स्थान किसानों को वितरित किया जाएगा। अब तक जिले में 200 टन बीज (स्थान) किसानों को वितरित | किया जा चुका है। प्रभाकर सिंह, मुख्य उद्यान अधिकारी, ऊधमसिंह नगर




