Friday, September 4, 2026

डीजीपी के आदेश को ठेंगा, एसएसपी ऑफिस के समक्ष अतिक्रमण

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भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर।अतिक्रमणकारियों के हौसले रुद्रपुर में इस कदर बुलंद हो चले हैं कि राज्य पुलिस के मुखिया के आदेश भी उनके ठेंगे पर हैं। यही नहीं अतिक्रमण की जद में इस बार जिले के पुलिस कप्तान का ऑफिस आया है। जिसके ठीक सामने पूर्व में कलेक्ट्रेट परिसर से उजाड़े गए अतिक्रमणकारियों ने एक बार फिर से कब्जा जमा लिया है

डीजीपी के आदेश को ठेंगा, एसएसपी ऑफिस के समक्ष अतिक्रमण

आपको बता दें कि 4 दिन पूर्व उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार जी ने एक आदेश में अपने डिपार्टमेंट को निर्देशित किया है कि सड़कों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने पाए। यहां यह बताना भी जरूरी है कि बीते दिनों डीएम युगल किशोर पंत के आदेश पर जिला पंचायत ऑफिस के समक्ष अवैध रूप से काबिज दर्जनों फड़ va ठेला व्यवसायियों को सरकारी जमीन से बेदखल किया गया था। दरअसल इन ठेला व्यवसायियों ने यहां पर जिला पंचायत कार्यालय के समक्ष जमीन पर छोटे-बड़े होटल खोल दिए थे। यही नहीं बकायदा इन सब लोगों ने आपस में सांठगांठ कर इन होटलों की जमीन को अपना मानना शुरू कर दिया था। यहां पर शराब और कबाब परोसे जाते थे जिसके चलते दिनभर कलेक्ट्रेट में अराजकता की स्थिति बनी रहती थी। यहां पर सुरा और मीट के शौकीनों के जमावड़े के कारण इस सड़क पर अक्सर जाम लगा रहता था। इन परेशानियों के दृष्टिगत डीएम पंत ने दुकानों को बलपूर्वक हटाने के आदेश दिए। जिसके बाद इन अतिक्रमणकारियों को यहां से हटा दिया गया।

लेकिन बुलंद हौसलों के बीच इनमें से कुछ होटल वाले अब एसएसपी ऑफिस के समक्ष पहुंच गए हैं। नेशनल हाईवे 87 पर एसएसपी ऑफिस से लगती दीवार के समक्ष उन्होंने साफ सफाई कर अपने होटल बना लिए हैं। हैरत की बात यह है कि यहां पर स्वयं पुलिस वाले भी खाना खाने पहुंच रहे हैं। पुलिस वालों को भी शायद अपने डिपार्टमेंट के मुखिया के आदेश ध्यान नहीं है। इनकी तस्वीर हमारे संवाददाता ने अपने कैमरे में कैप्चर करी है। अब धीरे-धीरे यह अतिक्रमणकारी इस हाईवे पर भी अपना कब्जा जमाने के मूड में दिख रहे हैं। यह रुद्रपुर की रीत हो चली है कि पहले किसी सरकारी जमीन पर दुकानें बताओ और बाद में उजाडे जाने पर अपने लिए किसी और जगह की व्यवस्था की पुरजोर मांग करें। अब यह एसएसपी मंजूनाथ टीसी को खुद देखना होगा कि अगर बुलंद हौसलों के बीच अतिक्रमणकारी उनके कार्यालय के समक्ष कब्जा कर सकते हैं और वह भी डीजीपी के आदेश के बावजूद, तो बाकी जिले की क्या स्थिति होगी?

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