Saturday, September 5, 2026

डीजीपी अभिनव कुमार ने ली महत्वपूर्ण बैठक, दिए ये निर्देश

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भोंपूराम खबरी,देहरादून। अभिनव कुमार, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 एवं भारतीय साक्ष्य विधेयक-2023 को लागू किये जाने के सम्बन्ध में जनशक्ति, प्रशिक्षण, बजट, पाठयक्रम, इंफ्रास्ट्रकचर, प्रोसिक्यूशन व जनजागरूगता इत्यादि विषयों पर बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में विभिन्न बिन्दुओं पर विचार विमर्श करते हुए निम्न महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये-

1- सभी थानों में 7 साल से अधिक सजा वाले पंजीकृत अपराधों का डेटा देखकर प्रशिक्षण हेतु जनशक्ति निर्धारित की जाये ।

 

 

2- विधिक सलाहकारों की जनपदवार नियुक्ति के सम्बन्ध में जनपदों के अपराध संबंधी डेटा का विश्लेषण कर लिया जाये ।

3- नये कानूनों के प्रशिक्षण हेतु आईपीएस, पीपीएस, अराजपत्रित अधिकरियों की सूची तैयार BPR&D से समन्वय स्थापित कर शीघ्र ही मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण कराये जाने का निर्णय लिया गया।

4- 18000 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान कराया जाना है। जिसके दृष्टिगत एटीआई व उजाला द्वारा तैयार ट्रैनिंग माडयूल का अध्ययन कर ऑनलाइन व ऑफलाइन ट्रैंनिग माडयूल तैयार कर लिया जाये ।

5- प्रशिक्षण पाठयक्रम पर चर्चा करते हुए पुलिस कर्मियों को पीटीसी/ एटीसी में प्रशिक्षण प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया।

6- आईपीएस स्तर के रैंक के अधिकारियों हेतु एनपीए माडल पर ट्रैनिंग माडयूल, पुलिस उपाधीक्षक स्तर के उपर रैंक के अधिकरियों हेतु पीटीसी मुरादाबाद व पंजाब पुलिस माडल पर ट्रैंनिग माडयूल, निरीक्षक/ उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों हेतु सीडीटीआई चण्डीगढ़ व भोपाल के ट्रैनिंग माडय़ूल पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाने पर विचार किया गया।

7- डेटा सेन्टर, डेटा ट्रांसमिशन, डेटा स्टोरेज के व्यय का विश्लेषण कर लिया जाये एवं उपकरणों की आवश्यकता के सम्बन्ध में चरणवार आवश्यकता का प्रस्ताव तैयार किया जाये ।

8- नये कानूनों से प्रभावित होने वाले केन्द्रीय, राज्य व स्थानीय अधिनियमों की सूची भी तैयार करने के निर्देश दिए गए।

9- नये काननों की जनजागरूकता के प्रचार प्रसार के सम्बन्ध में टाइमलाइन व टार्गेट प्लान के साथ आम जन व पुलिस से जुडे लोगों को गली/मौहल्ला, ग्राम सभा, तहसील, ब्लाक स्तर व राज्य स्तर पर उनकी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाये। साथ ही इस सम्बन्ध में जनपद स्तर पर नोडल अधिकारी भी नियुक्त किये जाये।

 

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