Friday, September 4, 2026

डीएम और एमएनए ने वो कार्य कर दिखाया, जो जनप्रतिनिधि नहीं कर पाए

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भोंपूराम खबरी,रूद्रपुर। किसी भी सरकार की सफलता के पीछे राज्य कीे ब्यूरोक्रेटस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है यदि ब्यूरोक्रेटस सरकार की मंशा और जनभावनाओं के अनुरूप कार्य करता है तो सरकार की खूब वाहवाही होती है और इसके उलट जब ब्यूरोक्रेटस जनभावनाओ और उनकी समस्याओं की अनदेखी करता है तो इसका खमियाजा भी सरकार को भुगतना पड़ता है।

ऊधमसिंहनगर के मुखिया के रूप में कार्य कर रहे जिलाधिकारी उदय राज सिंह और नगर निगम के आयुक्त नरेश दुर्गापाल की इन दिनों जनता के बीच खूब चर्चायें है और दोनों ही अधिकारियों की इच्छाशक्ति और कार्यप्रणाली की जनता जमकर तारीफ कर रही है। जिलाधिकारी और मुख्य नगर अधिकारी ने नगर की दशकों पुरानी समस्याओं को खत्म कर उनका दिल जीत लिया है। दोनों अधिकारियों की दृढ इच्छाशक्ति के चलते शहरवासियों के लिये नासूर बना दशकों पुराने कचरे के पहाड़ का आखिरकार सफाया हो गया है। कचरे के इस पहाड़ को हटाने के लिये निवर्तमान मेयर रामपाल सिंह ने काफी दिलचस्पी दिखाई थी जिसके बाद उन्होंने एक निजी कंपनी को कचरे के निस्तारण का काम सौंपा, लेकिन पिछले करीब दो साल से यह काम बहुत धीमी गति से चल रहा था। अगर कचरे को हटाने का कार्य ऐसे ही चलता रहता तो कई वर्ष और लग जाते मगर कूड़े का यह पहाड़ साफ नही हो पाता। कुछ माह पूर्व नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने के बाद जब नगर निगम की कमान प्रशासक के रूप में डीएम उदय राज सिंह के हाथ में आई तो उन्होंने कचरे की समस्या को गंभीरता से लिया और इसमे व्यक्तिगत रूप से रूचि लेते हुये आये दिन वहां का निरीक्षण कर इसके निस्तारण के लिये लगातार दिशा निर्देश देने लगे। नगर आयुक्त नरेश दुर्गापाल ने भी कचरा निस्तारण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करवा दिया। फिर क्या था दोनों अधिकारियों के प्रयास रंग लाने लगे। ट्रचिंग ग्राउण्ड से करीब एक लाख टन कचरे को हटा दिया गया है। कचरे से खाली हुई 2.5 एकड़ भूमि पर हरा भरा पार्क बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। वही नगर की एक अन्य गंभीर समस्या से भी शहरवासियों को शीघ्र निजात मिलने की उम्मीद है। पिछले 25 वर्षो से जलभराव की समस्या से जूझ रहे आम जनता को शीघ्र ही इस समस्या से छुटकारा मिलने वाला है। नगर आयुक्त नरेश दुर्गापाल ने इस समस्या के निस्तारण के लिये अपने प्रयास तेज कर दिये है और पिछले 25 वर्षो से बंद पड़े नाले और पुलिया को जेसीबी से खुदवा कर वहां निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जिलाधिकारी उदय राज सिंह और नगर आयुक्त नरेश दुर्गापाल के कार्यकाल में ही नजूल भूमि पर मालिकाना हक जैसी जटिल और पुरानी समस्या से आम जनता को राहत मिल सकी। रूद्रपुर नगर की बसावट के साथ ही नजूल भूमि पर मालिकाना हक के लिये संघर्ष कर रहे मलिन बस्ती के लोगों की इस समस्या के निस्तारण के लिये उक्त दोनों अधिकारियों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप गरीब लोगों को नजूल भूमि पर मालिकाना हक देने के लिये जिलाधिकारी उदय राज सिंह के निर्देश पर नगर आयुक्त नरेश दुर्गापाल द्वारा मलिन बस्तियों में कैम्प लगवाकर लोगों को पट्टा दिये जाने की कवायद की गई जिसके तहत मुख्यमंत्री द्वारा सैकड़ों लोगों को पट्टे दिये गये और हजारों लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद जगी हुई है। बहरहाल जिलाधिकारी उदय राज सिंह और नगर आयुक्त नरेश दुर्गापाल के अथक प्रयासों के चलते आज नगर वासियों को दशकों पुराने कूढ़े के ढेर से निजात मिल चुकी है और नजूल भूमि पर मालिकाना हक मिल रहा है। शीघ्र ही जलभराव से भी छुटकारा मिलता नजर आयेगा। दोनों अधिकारियों द्वारा किये जा रहे कार्यो से आम जनता काफी खुश है और उनकी कार्यप्रणाली की जमकर सराहना कर रही हैं।

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