भोंपूराम खबरी,देहरादून। बाबा केदारनाथ के दर तक पहुंचाना वैसे तो सदैव ही जोखिम पूर्ण रहा है ,लेकिन इस बार बाबा केदार के दर्शन की चाहत रखने वाले श्रद्धालुओं पर एक अलग तरह का खतरा मंडराने लगा है ।जिसके चलते केदारनाथ धाम पहुंचने वाले यात्रियों को एक नई टेंशन से रूबरू होना पड़ रहा है।
बताना होगा कि इस बार पड़ रही भीषण गर्मी के चलते केदारनाथ पैदल रूट के ऊपर ग्लेशियर बड़ी तेजी से पिघलने लगे हैं। इससे पैदल यात्रियों पर हिमखंड गिरने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने ऐसे खतरनाक हिमखंड हटाना शुरू कर दिया है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों देश के विभिन्न हिस्सों के साथ उत्तराखंड में भी गर्मी चरम पर है ।
रोज दर रोज चढ़ते पारे के चलते केदारनाथ पैदल ट्रैक पर स्थित भैरव व कुबेर ग्लेशियर प्वाइंट लोगों के लिए संवेदनशील बन चुके हैं। दरअसल, बर्फ के तेजी से पिघलने के चलते बड़े-बड़े हिमखंड और बोल्डर मिट्टðी के साथ नीचे आ रहे हैं। इन्हें हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने 55 मजदूर लगाए हैं। खबरों के अनुसार बढ़ती गर्मी के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग में स्थित भैरव व कुबेर ग्लेशियर पॉइंट को यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील के रूप में चिन्हित किया गया है। मगर राज्य सरकार के तमाम भाग अनुभाग चार धाम यात्रा को निर्बाध एवं सुचारु रूप से संचालित करने में जान से जुटे हैं ।लोनिवि गुप्तकाशी अधिशासी अभियंता विनय झिंक्वाण ने बताया कि ग्लेशियर प्वाइंट में बर्फ पिघलने से बड़े -बड़े हिमखंड और बोल्डर यात्रा मार्ग की ओर खिसक रहे हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग पर कोई अप्रिय घटना न हो इसलिए हिमखंड-बोल्डर यथाशीघ्र और रात में हटवाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त हाल ही में हुई बारिश के चलते भी मार्ग पर कई जगह मलबा आ गया ,जिसे हटवाया जा रहा है तथा जरूरत पड़ने पर पैदल यात्री रोके भी जा रहे हैं। साथ ही पैदल मार्ग के संवेदनशील क्षेत्रों में जहां-जहां रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई है, उसे तुरंत दुरस्त कराया जा रहा है यात्रियों की सुविधा के लिए सोनप्रयाग, गौरीकुंड व केदारनाथ में पंजीकरण स्थल बनाए गए हैं और सभी तकरीबन सभी पंजीकरण स्थलों को रेलिंग से घर सुसज्जित कर दिया गया है ।गौरतलब है कि चारों धामों में से सबसे ज्यादा क्रेज केदारनाथ धाम का है। यद्यपि 10 में से शुरू हुई चार धाम यात्रा में श्रद्धालु बद्रीनाथ गंगोत्री यमुनोत्री आदि तीर्थ स्थलों की और भी रुख कर रहे हैं, लेकिन केदारनाथ धाम में दर्शन करने वाले भक्त जनों की संख्या अन्य तीन धर्मों से अधिक है। दर्शनार्थियों की लगातार बढ़ती भीड़ के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रियों का दबाव अचानक बढ़ गया है। ऐसे में तापमान बढ़ने के चलते पिघल रहे ग्लेशियर के हिमखंड अपने साथ मिट्टðी और पत्थर लेकर पैदल मार्ग के आसपास गिर रहे हैं ,क्योंकि हिमखंड और मिट्टðी पत्थर यात्रियों को कभी भी अपनी चपेट में ले सकते हैं। इसलिए यात्रियों को केदारनाथ पैदल मार्ग पर इस अनजाने खतरे के प्रति सचेत कर दिया गया है और स्थानीय प्रशासन समूचे हालात पर नजर लगातार जमाए हुए हैं।




