भोंपूराम खबरी। गोविंद वल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अस्पताल में पेट दर्द और बीपी का इलाज कराने गई छात्रा से डॉक्टर ने दुष्कर्म कर दिया । जांच के बाद डॉक्टर को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर कुलपति ने डॉक्टर को निलंबित कर दिया।आरोपी डॉक्टर पर छेड़छाड़ और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है । आरोपी की धरपकड़ पुलिस के द्वारा जारी है। लेकिन अभी तक आरोपी गिरफ्त से बाहर है।
जी बी पंत विवि की एक छात्रा ने चिकित्साधिकारी डॉक्टर दुर्गेश कुमार पर पांच दिसंबर को उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र सौंपा था। जिसमें कमेटी द्वारा जांच की गई। महाविद्यालय स्तर पर गठित समिति इंटरनल कंप्लेंट्स कमिटी फॉर जेंडर सेन्सीटाइजेशन प्रिवेंशन एंड प्रोहिबिशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट ऑफ विमेन एम्पलाइज एंड स्टूडेंट्स कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर दुर्गेश कुमार को प्रथम दृष्ट्या दोषी पाया। पीड़ित छात्रा ने पंतनगर थाने में चिकित्साधिकारी पर दुष्कर्म और छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए तहरीर सौंपी थी। पीड़िता ने बताया कि 5 दिसंबर 2022 को उसकी हालत ठीक नहीं थी। और बीपी लो था। साथ ही थायराइड बढ़ गया था और अपच की समस्या होने के कारण पेट में दर्द था। इसलिए वह विश्वविद्यालय अस्पताल पंतनगर गई थी। जहां डॉक्टर ने छात्रा से छेड़छाड़ की। साथ ही छात्रा को धमकी भी दी कि यदि किसी को भी इस बारे में किसी को बताया तो जिंदगी बर्बाद कर देगा। छात्रा की शिकायत पर जीबी पंत विवि के चिकित्सालय के डॉक्टर दुर्गेश कुमार के विरुद्ध धारा 376, 376(2)(ड), 376(2)(च), 354 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।




