Saturday, September 5, 2026

जल जीवन मिशन का हाल: सूखे हैं नल, कागजों में जल

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भोंपूराम खबरी। यदि आंकड़ों में हेराफेरी खेल सीखना हो तो कुछ अफसरों से सीखें सूखे हुए नल पानी के लिए तरस रहे हैं, जबकि जल निगम कागजों में 96 प्रतिशत घरों में जल जीवन मिशन में शुद्ध पेयजल पिलाने का दावा कर रहा है। दावे की सच्चाई जानने के लिए दैनिक जागरण टीम ने पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। नलों में कई माह से पेयजल की आपूर्ति ही नहीं की जा रही है। ऐसी स्थिति में लोग हैंडपंप से गंदा पानी पीने को विवश हैं।

ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने 15 अगस्त, 2019 को जल जीवन मिशन योजना का शुभारंभ किया। जिसे मार्च, 2025 में पूर्ण करना है जागरण टीम ने शुक्रवार को ग्राम कीरतपुर में मिशन की वास्तविकता जानने की कोशिश की तो घरों में चार से पांच माह पहले नल लगा दिए गए हैं, काफी पाइप लाइनें भी बिछा दी गई हैं, कई वाटर टैंक भी बना दिए मगर पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। कभी-कभार टेस्ट लेने के लिए पेयजल आपूर्ति की जाती है तो जगह-जगह पाइपलाइन में लीकेज भी हैं। इससे सड़क पर जलभराव हो जाता है। वहीं टीम जब ग्राम भगवानपुर पहुंची तो वहां पर करीब वे से तीन मह पहले लगाए गए नलों में पानी नहीं आ रहा ग्राम बागवाला के आधे हिस्से में लगे नलों में पानी आता है, मगर ग्राम कोलड़िया में नलों व पाइप लाइन का पता नहीं है नलों में पानी न आने से ग्रामीणों में नाराजगी दिखी। ग्रामीणों का कहना था कि कागजों में केवल आंकड़े दिखाने में अधिकारी माहिर हैं, योजना की वास्तविकता जानने के लिए अधिकारी मौके पर जाते ही नहीं हैं।

जिले के 1,98,816 घरों में पानी पहुंचाने का लक्ष्य

जल निगम कार्यालय के अनुसार मिशन में ऊधम सिंह नगर की 375 ग्राम पंचायतों में 1,98,816 परिवारों यानी घरों में नल लगाकर पेयजल आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है। इनकी आबादी नौ लाख 52 हजार 333 है। 1,91,011 घरों में नल लगाकर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इस मिशन का नोडल अधिकारी जल निगम को बनाया गया है। मिशन में जल संस्थान को भी शामिल किया गया है। योजना में 829.10 करोड़ रुपये का बजट है।

मिशन के पहले चरण की 44 स्कीम पूरी

मिशन में पहले चरण में 44 स्कीम थी, जो पूरी हो चुकी है। दूसरे चरण में 333 स्कीम हैं, इनमें 183 पूरी हो चुकी है। प्रत्येक स्कीम में एक वाटर टैंक, पाइप लाइन व नल लगाने है। गांवों की आबादी के हिसाब से कहीं पर 300 किलोलीटर तो कहीं इससे अधिक क्षमता के वाटर टैंक लगाए गए है। नियम के तहत प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी की आपूर्ति की जानी है। सुबह और शाम को दो से तीन घंटे पेयजल की आपूर्ति की जाती है।

अड़ंगा कुछ लोग नल लगवाने से कर रहे मना जिनके पास हैड या ट्यूबवेल है. उनमें कई ऐसे लोग है, जो घरो में जल जीवन मिशन में नल लगवाने से मना कर रहे है। उनका कहना था कि काफी गहराई से पानी आता है। इसलिए नल की जरूरत नहीं है। इससे भी मिशन पूरा होने में दिक्कत हो रही है। मिशन में लगे अधिकारी लोगों को समझाने के प्रयास कर रहे है।

बागवाला के कुछ हिस्सों में जल जीवन मिशन के तहत लोगों के घरों में लगे नलों में पेयजल की आपूर्ति की जा रही है, जबकि इसी ग्राम | पंचायत के कोलड़िया में नलों का पता है न पाइपलाइन की राधेश्याम शुक्ला, अधिवक्ता ग्राम कोलड़िया रुद्रपुर

दो माह पहले गांव में नल लगा दिए गए है, मगर पानी कब आएगा, इसका पता नहीं है। पानी की टंकी लगी है। ग्रीमणों | को इस बात की उम्मीद है कि जल्द ही नली में पानी आ जाएगा कामेश्वर सिंह जेटली, ग्राम भगवानपुर

ऊधम सिंह नगर में जितने घरों में नलों में पेयजल आपूर्ति का लक्ष्य है, उनमें 96 प्रतिशत पूरा हो चुका है। बाकी घरी में दिसंबर तक पेयजल की आपूर्ति कर दी जाएगी। विनय जैन, अधीक्षण अभियंता जल निगम रुद्रपुर

 

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